बाजपुर (महानाद) : क्षेत्र के 20 गांवों की 5,838 एकड़ भूमि के स्वामित्व, किसानों की कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एमएसपी की कानूनी गारंटी और मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) का बजट बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (उत्तराखंड) ने एसडीएम ऋचा सिंह के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसानों ने बढ़ती कृषि लागत, फसलों के उचित मूल्य न मिलने, कर्ज के संकट और बाजपुर के 20 गांवों की 5,838 एकड़ भूमि के भूमिधरी अधिकार छीने जाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें –
1. भारत-अमेरिका कृषि ट्रेड डील रद्द हो: भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के खिलाफ बनी व्यापारिक नीतियों पर तुरंत रोक लगाई जाए।
2. एमएसपी की कानूनी गारंटी: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर फसलों के लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की प्रभावी कानूनी गारंटी दी जाए।
3 .मनरेगा की बहाली व सुदृढ़ीकरण : पर्याप्त बजट आवंटन के साथ मजदूरों को समय पर मजदूरी और रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
4. कर्जमाफी का कानून : बढ़ते कर्ज के संकट से राहत दिलाने के लिए किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का प्रभावी कानून बनाया जाए।
5. बिजली और बीज बिल की वापसी : किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले बिजली व बीज संबंधी बिलों/प्रावधानों को वापस लिया जाए तथा सस्ती बिजली व गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन ज्वलंत मांगोंकृविशेषकर बाजपुर के भूमिधरी अधिकारों की बहालीकृपर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर बल्ली सिंह चीमा, दर्शन लाल गोयल, महेंद्र सिंह रंधावा, खेमकरण सैनी, राजकिशोर, परवीन कंबोज आदि उपस्थित थे।



