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Wednesday, February 25, 2026
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बड़ी खबर : शराब माफिया के बार पर चला पीला पंजा, धूल में मिल गई 10 करोड़ की संपत्ति

बरेली (महानाद) : प्रशासन ने शराब माफिया के बार पर पीला पंजा चलाकर उसे धूल में मिला दिया। पीले पंजे ने 2 घंटे में 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जमीदोज कर दिया।

बता दें कि शनिवार को बीडीए ने पुलिस को साथ लेकर शराब माफिया मनोज जायसवाल के बार को बुलडोजर से ढहा दिया। बीडीए की इस कार्रवाई से शराब माफिया को 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। बीडीए और पुलिस की इस कार्रवाई से अन्य शराब माफियाओं में भी हड़कंप मच गया है।

मामले की जानकारी देते हुए बीडीए के वीसी जोगेन्दर सिंह ने बताया कि शराब माफिया मनोज जायसवाल द्वारा यह बार पूरी तरह से अवैध तरीके से बनाया गया था। उसने बार बनाने के लिए आवासीय नक्शा पास कराया और उसपर बार बनाकर व्यावसायिक गतिविधि चला रहा था। जिस जगह उसने बार बनाया था वहां शराब नहीं बेची जा सकती थी। उसके बाद भी कुछ लोगों की मिली भगत से वह यह अवैध धंधा कई सालों से संचालित कर रहा था।

उन्होंने बताया कि शराब माफिया की गिरफ्तारी और उसके जेल जाने के बाद उसके बार को सील किया गया था। लेकिन बार जब दोबारा खोला गया तो यह मामला मीडिया में उछला और कई सवाल खड़े हुए। जिसके बाद एसआईटी गठित कर पूरे मामले में जांच कराई गई तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शासन ने सख्ती दिखाई तो बीडीए ने नियम विरुद्ध भवन निर्माण कराकर उसमें बार चलाने का नोटिस डाउन-टाउन 21 बार को जारी किया। इसी के साथ इस बार को गिराने की नोटिस भी चस्पा की तो इसके बाद शराब माफिया मनोज जायसवाल और उसके परिजनों में हड़कंप मच गया।

बता दें कि बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में रहने वाले शराब माफिया मनोज जायसवाल के डाउन-टाउन 21 बार लखनऊ से दिल्ली के बीच इकलौता आलीशान बार था। 4 साल पहले बना यह बार पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चित था। इस बार में पार्टी के लिए पूरे प्रदेश से बुकिंग की जाती थी। दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद और लखनऊ तक से यहां लोग बार में पार्टी करने आते थे।

जानकारों के अनुसार यह बार 10 करोड़ से अधिक रुपये लगाकर बनाया गया था। इस बार को सील कर ऐसा बनाया गया था कि घनी आबादी के बाद भी बार के अंदर बजने वाले डीजे की आवाज बाहर नहीं सुनाई पड़ती थी। इस बार के अंदर शराब के साथ ही कई अन्य तरह के नशे जैसे हुक्का और अन्य ड्रग्स बेचने के भी आरोप अक्सर लगते रहे हैं। इस दौरान शराब माफिया के परिजनों ने बार गिराने का विरोध भी किया लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक न चली।

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