सलीम अहमद
हल्द्वानी (महानाद) : उत्तराखंड की सियासत में शनिवार को हल्द्वानी से कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव का चुनावी शंखनाद कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस के किसी बड़े राष्ट्रीय नेता की यह पहली बड़ी चुनावी रैली मानी जा रही है। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत का संदेश दिया और कार्यकर्ताओं को अभी से चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया।

सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र के साथ उत्तराखंड की बीजेपी सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठाए। उनके भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर भी कांग्रेस का आक्रामक रुख नजर आया। खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड से बीजेपी को विदा करने का वक्त आ गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि उत्तराखंड समेत आगामी विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में बीजेपी की विदाई का माहौल बन रहा है। उन्होंने लोगों से कांग्रेस को मजबूत करने और बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए समर्थन देने की अपील की।
हल्द्वानी की रैली में विधानसभा रामनगर से कांग्रेस प्रत्याशी रणजीत रावत ने बड़ी संख्या में लोगों को जुटाकर अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने की कोशिश की। खड़गे की मौजूदगी में हुए इस आयोजन के जरिए कांग्रेस ने संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

पार्टी नेतृत्व ने जहां बीजेपी सरकार पर निशाना साधा, वहीं कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने की कोशिश भी की। कांग्रेस का फोकस अब संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने पर है। रैली के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि 2027 की चुनावी लड़ाई के लिए वह मैदान में उतर चुकी है। अब देखना होगा कि हल्द्वानी से शुरू हुआ कांग्रेस का यह अभियान आने वाले महीनों में उत्तराखंड की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।
फिलहाल खड़गे के तीखे हमलों और रैली में जुटी भीड़ ने 2027 के चुनावी मुकाबले की आहट जरूर तेज कर दी है।



