– एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में ‘जिन्नात’ के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़
– भोले-भाले लोगों को रुपये डबल करने का लालच देकर की जा रही थी ठगी
– ठगी की रकम से बनाए आलीशान मकान, खरीदी महंगी गाड़ियां
– कोतवाली आईटीआई पुलिस ने 03 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : उधम सिंह नगर के नये पुलिस कप्तान एसएसपी अजय गणपति के कुशल निर्देशन में आईटीआई कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ‘जिन्न/जिन्नात’ के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर भोले-भाले ग्रामीणों से करोड़ों रुपये ठगने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि दिनांक 16.02.2026 को शकील अहमद निवासी बांसखेड़ा द्वारा कोतवाली आईटीआई में प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि गांव निवासी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, सफीक अहमद व माौ. आरिफ द्वारा ग्रामीणों को यह कहकर अपने प्रभाव में लिया गया कि सरताज अली उर्फ कादरी बाबा पर ‘जिन्नात’ आता है, जो पैसे डबल कर देता है। बताया गया कि लगभग एक वर्ष पूर्व बांसखेड़ा में आयोजित एक धार्मिक जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में आए सरताज अली ने धार्मिक भाषणों के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया और विभिन्न ‘स्कीमों’ का प्रचार शुरू किया।
आरोपियों द्वारा चलाई जा रही कथित स्कीमें –
-15,500 प्रतिमाह जमा करने पर 40 दिन बाद 20,000 रुपये प्रतिमाह देने का लालच
– कामगारों के लिए 25,500 रुपये की योजना
– विधवाओं के लिए 6,500 रुपये की योजना
– बच्चियों के नाम पर 12,500 रुपये की योजना
उक्त ठगों द्वारा घर-घर प्रचार कर अशिक्षित व भोले-भाले लोगों (पुरुष एवं महिलाएं) को झांसे में लिया गया। अभियुक्तों के सहयोगियों द्वारा यह भी प्रचारित किया गया कि बाबा से जुड़ने वाले लोगों के पास ‘जिन्नात’ के माध्यम से लगातार पैसा आ रहा है, जिससे उन्होंने प्लॉट, मकान व महंगी गाड़ियां खरीदी हैं।
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने ग्रामीणों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि एकत्रित कर ली और उकत रकम से सफीक द्वारा लगभग 20 लाख रुपये की लागत से नया मकान व एक बलेनो कार खरीदी गई।
मौ. आरिफ द्वारा लगभग 10 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा गया।
सरताज अली उर्फ कादरी बाबा द्वारा ग्राम धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान निर्माण व बोलेरो वाहन खरीदा गया।
अन्य साथियों द्वारा भी प्लॉट व स्कॉर्पियो/हाई-राइडर जैसे वाहन खरीदने की जानकारी प्रकाश में आई है।
जब पीड़ितों द्वारा धन वापसी की मांग की गई तो अभियुक्तों द्वारा गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी दी गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उनके द्वारा (एसएसपी गणपति) द्वारा तत्काल अभियोग पंजीकृत कर त्वरित अनावरण के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान अन्य संदिग्धों की संलिप्तता भी प्रकाश में आई। अभियोग की जानकारी होने पर अभियुक्तगण घरों में ताला लगाकर गैर राज्य (उत्तर प्रदेश) भाग गए। संभावित असंतोष की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पीड़ितों को विश्वास में लेकर विशेष टीमों का गठन किया और दिनांक 17.02.2026 को सरताज अली उर्फ कादरी बाबा उर्फ सैयद मियां, शफीक, मौ. आरिफ को रामपुर (उ.प्र.) से गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत जनता में ‘जिन्न/जिन्नात’ के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर उनकी जीवन भर की जमा पूंजी हड़पने की बात स्वीकार की गई। अग्रिम विवेचना प्रचलित है तथा अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम में कोतवाल रवि कुमार, एसएसआई अरविन्द बहुगुणा, एसआई मनोज धोनी, एएसआई दीपक चौहान, हे.कां सिराज हुसैन, धर्मेन्द्र भारती, कां. राजेन्द्र जोशी शामिल थे।



