विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : मेयर दीपक बाली की धर्म पत्नी उर्वशी बाली ने क्लब-किटी से दूर रहकर अपना समय 50 अनाथ बच्चों की देखभाल और उनके भविष्य निर्माण में लगा दिया है। उर्वशी दत्त बाली अपना जीवन उन 50 बच्चों के लिए समर्पित कर चुकी हैं, जो बिन मां बाप के हैं। किसी के या तो बाप नहीं है तो किसी की मां नहीं। ये वो बालक हैं जो हॉस्टल में नई शुरुआत कर रहे हैं।
उर्वशी बाली की पहल के कारण उक्त बच्चों को पापा बेकर्स की ओर से विशेष कुकिंग क्लास दी गई। जब बच्चों से पूछा गया कि क्या उन्होंने पहले कभी खाना बनाया है, तो उन्होंने मासूम आवाज में कहा कि मजबूरी में उन्होंने अपने भाई-बहनों के लिए कई बार खाना बनाया है। कुछ बच्चे बिन माँ-बाप के हैं, कुछ के माता-पिता काम पर रहते हैं, इसलिए वे खुद ही खाना बनाना सीख गए। बच्चों ने साफ कहा ‘हम यहाँ लड़ाई करने नहीं आए, अपना जीवन बनाने आए हैं।’ इन बच्चों में कई बिल्कुल अकेले हैं, लेकिन अब शहर के लोग ही उनका परिवार बनते जा रहे हैं।
शहर के जाने माने बाल रोग विशेषज्ञ एवं प्रेसिडेंट रोटरी क्लब ऑफ कार्बेट काशीपुर डॉ. रवि सहोता और अमन सहोता (सहोता पेपर फैक्टरी) से बच्चों के स्किल डेवलपमेंट के लिए 1 लाख रुपये का सामान प्रदान करते हुए कहा कि वे भी आज से हमेशा बच्चों के साथ खड़े रहेंगे।
ब्रिगेडियर सुखबीर सिंह की धर्मपत्नी ममता सिंह अपनी चार फौजी बहनों के साथ बच्चों से मिलीं और कहा कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ इन बच्चों की मदद करती रहेंगी।
शहर के लोग अलग-अलग तरीकों से योगदान दे रहे हैं।
किसी ने कपड़े दिए,
किसी ने पढ़ाई का सामान,
किसी ने ठंड से बचाने के लिए पर्दे और दरिया दी।
हर तरफ से यही आवाज उठ रही है
‘काशीपुर के ये 50 बच्चे अब अकेले नहीं हैं।’
हॉस्टल की प्रिंसिपल ज्योति राणा और पूरा स्टाफ इन बच्चों के लिए शिक्षक ही नहीं, बल्कि अभिभावक की तरह काम कर रहे हैं। वे बच्चों को सुरक्षा, स्नेह और अनुशासनकृसब कुछ दे रहे हैं, उर्वशी दत्त बाली स्किल की क्लास लगा रही है, शांतनु चिकारा की इंग्लिश स्पीकिंग, नेत इंदू समिति के दिव्यांग बच्चों के द्वारा स्किल्स, जगमोहन बंटी द्वारा डांस, पापा बेकर्स की तरफ कुकिंग क्लासेस, रजनी ठाकुर स्टिचिंग की क्लासेस, संजीवनी हॉस्पिटल की तरफ से फर्स्ट एड क्लास और स्कूल के सभी टीचर उन बच्चों पर मेहनत करके,उन चीजों को पक्का करवा रहे हैं।

इस दौरान उर्वशी दत्त बाली ने कहा कि इन बच्चों पर खाने का पैसा मत लगाइए, सरकार भरपूर खाना ओर शिक्षा दे रही है। इन बच्चों को आपके समय और शाम के लिए एक्स्ट्रा शिक्षा के अलावा स्किल और स्किल सीखने के सामान की जरूरत है।
उर्वशी दत्त बाली की पहल, काशीपुर में लगातार बड़ा स्वरूप ले रही है और हर दिन पूरा शहर इन 50 बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एकजुट होता दिख रहा है।



