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Saturday, May 30, 2026
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केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने पर जोर…

 

देहरादून, 29 मई।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सांसदों और विधायकों को पार्टी के विचार परिवार के विस्तार के लिए विधानसभा स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कमजोर रही सीटों की समीक्षा कर वहां विशेष रणनीति के तहत प्रवास एवं संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

 

राजपुर रोड स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में आयोजित बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि सांसदों और विधायकों को राष्ट्रीय अध्यक्ष से विस्तृत मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 बुद्धिजीवी, प्रभावशाली एवं विशिष्ट लोगों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क स्थापित करने और पार्टी के विचार परिवार का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

 

उन्होंने बताया कि जिन बूथों पर बूथ टोलियों के गठन का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, वहां विधायक मंडल संगठन के साथ मिलकर बूथों को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बूथ आधारित चुनावी व्यवस्था को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को मजबूत करने पर विशेष बल दिया।

 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए छोटे पंपलेट और पत्रिकाएं तैयार कर गांव-गांव तक पहुंचाएंगे।

 

बैठक में सभी सांसदों और विधायकों ने संगठन को मजबूत बनाने और वर्ष 2027 के चुनाव में जीत सुनिश्चित करने को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इन सुझावों के आधार पर संगठन आगामी कार्ययोजना तैयार करेगा।

 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन विधानसभा क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस करने के निर्देश दिए, जहां पार्टी पिछला चुनाव नहीं जीत पाई थी या जीत का अंतर बेहद कम रहा था। ऐसी विधानसभाओं के लिए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को भी संबंधित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

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