पराग अग्रवाल
जसपुर (महानाद) : सरकारी अस्पताल जसपुर परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम राहुल शाह ने औचक निरीक्षण करते हुए केंद्र में भारी अनियमितताएँ मिलने पर केंद्र में मौजूद जन औषधि से अलग दवाईयों को सीज कर दिया।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि जन औषधि केंद्र को केवल जेनरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है, लेकिन मौके पर जांच के दौरान केंद्र पर ब्रांडेड केमिस्ट की दुकान भी संचालित पाई गई। शिकायतें मिल रही थीं कि जेनरिक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक नहीं रखा जा रहा था और मरीजों को ब्रांडेड दवाइयाँ दी जा रही थीं।
एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम पर जन औषधि केंद्र का लाइसेंस जारी है, वह मौके पर मौजूद नहीं था और लंबे समय से केंद्र पर नहीं आ रहा था। उसकी जगह 2-3 युवकों को वेतन पर रखकर दवाइयों की बिक्री कराई जा रही थी, जिनके पास न तो फार्मेसी की डिग्री थी और न ही दवाइयों की पर्याप्त जानकारी।
उन्होंने बताया कि जांच में केंद्र पर भारी मात्रा में ब्रांडेड दवाइयाँ मिलीं, जबकि कई दवाइयाँ एक्सपायरी भी पाई गईं। इसके अलावा दवाइयों की स्टॉक पंजिका और अन्य जरूरी अभिलेख भी उपलब्ध नहीं थे। इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मौके पर मौजूद ब्रांडेड दवाइयों के स्टॉक को सीज कर दिया।
एसडीएम राहुल शाह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जेनरिक दवाइयों का स्टोर अलग से संचालित रहेगा, लेकिन यदि उसमें भी किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जन औषधि केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर धीरेंद्र गहलौत ने बताया अनियमितताओं के चलते पूर्व में भी प्रशासन द्वारा केंद्र को सीज कर दिया गया था।
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