सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : नगर पालिका रामनगर में टेंडर प्रक्रिया में कथित ‘बंदरबांट’ का मामला गरमाने के बाद शुक्रवार को एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी।
आपको बता दें कि रामनगर निवासी अरविंद कुमार ने वित्त सचिव को लिखित पत्र भेजकर पालिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए वित्त सचिव ने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देशित किया, जिसके बाद डीएम ने एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी को जांच अधिकारी नियुक्त किया।
एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शिकायतकर्ता अरविंद कुमार से आरोपों से जुड़े दस्तावेज और विवरण लिए। शिकायतकर्ता अरविंद कुमार का कहना है कि टेंडरों में खुलेआम बंदरबांट हुई है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं एडीएम ने नगर पालिका अधिकारियों से पूछताछ की, ताकि टेंडर आवंटन में हुई कथित गड़बड़ियों का सच सामने लाया जा सके।
इस दौरान एडीएम ने कहा कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। ‘सभी दस्तावेज़ खंगाले जा रहे हैं, प्रक्रिया का हर पहलू देखा जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार 61 ठेकों को कम दरें आने के बावजूद निरस्त कर दिया गया था, लेकिन दोबारा टेंडरो को अखबार के माध्यम से प्रकाशित करने के बाद अपने चहते ठेकेदारों को ठेके दे दिए गए थे।
एडीएम द्वारा जांच किये जाने पर नगर पालिका में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों से लेकर ठेकेदारों तक, सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं। वहीं, शहर में आम चर्चा है कि यह मामला सिर्फ टेंडर तक सीमित रहेगा या पालिका में गहरे जमे भ्रष्टाचार की और परतें भी उधेड़ेगा।
प्रशासन के सक्रिय रुख से शिकायतकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है कि रामनगर में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल कायम होगी।



