लखनऊ (महानाद) : उत्तर प्रदेश (यूपी) विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर मोहसिन रजा को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। आयोग में आठ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है।
आपको बता दें कि मोहसिन रजा लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में वह अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री रह चुके हैं। वह विधान परिषद के सदस्य भी रहे हैं। अब उन्हें दोबारा अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान की जिम्मेदारी दी गई है।
मोहसिन रजा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। नई जिम्मेदारी मिलने से कुछ समय पहले 12 अगस्त को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने दोनों वक्फ बोर्डों से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए वक्फ संपत्तियों की जिला स्तर पर विशेष जांच और ऑडिट की मांग की थी।
आयोग में इन आठ सदस्यों की नियुक्ति –
सरकार की ओर से जारी नियुक्ति के मुताबिक संदीप जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, हनप्रीत सिंह बेदी, मौहम्मद असलम, परविंदर सिंह, नेहा खान, सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी को आयोग का सदस्य बनाया गया है।
इन सदस्यों का संबंध अलग-अलग जिलों से है। संदीप जैन एटा, अंशुमान कुमार सिंह मैसी शाहजहांपुर, हनप्रीत सिंह बेदी मुजफ्फरनगर, मौहम्मद असलम फतेहपुर, परविंदर सिंह लखनऊ, नेहा खान अंबेडकरनगर, सैयद सिराज अब्बास रिजवी आजमगढ़ और रूमाना सिद्दीकी लखनऊ से हैं।
क्या करता है अल्पसंख्यक आयोग?
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है। आयोग अल्पसंख्यकों से जुड़ी शिकायतों की जांच, उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की निगरानी तथा सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास की स्थिति का आकलन करता है।
इसके अलावा आयोग सरकार को अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी नीतियों और योजनाओं को लेकर सुझाव और सिफारिशें भी देता है।



