विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026’ की रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस रिपोर्ट ने काशीपुर में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) की कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी है। एक तरफ जहां राजधानी देहरादून की हवा साफ हुई है, वहीं पीसीबी काशीपुर की उदासीनता के कारण काशीपुर की हवा और अधिक प्रदूषित हो गई है।
जी हां, आपको बता दें कि काशीपुर में प्रदूषण कंटोल बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय रामनगर रोड पर स्थित है जिसमें दर्जनों अधिकारी/कर्मचारी काम करते हैं। और जिनकी जिम्मेदारी है कि वे शहर की आबोहवा को स्वच्छ बनाये रखें। सर्वेक्षण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, काशीपुर अब स्वच्छ हवा के मामले में खिसककर 18वें स्थान से 21वें पायदान पर आ गया है। शहर की रैंकिंग में यह गिरावट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने में पीसीबी पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।
आपको बता दें कि देहरादून में प्रदूषण कंटोल बोर्ड अपनाकाम बखूबी अंजाम दे रहा है तभी तो देहरादून ने लगातार तीसरे वर्ष सुधार दर्ज करते हुए 7 पायदान की छलांग लगाई है और 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में 12वां स्थान हासिल किया है, पिछले वर्ष वह 19वें पायदान पर था।
वहीं दूसरी ओर, काशीपुर 18वें से 21वें पायदान पर पहुंच गया है। काशीपुर में लगातार गिरते वायु गुणवत्ता सूचकांक और रैंकिंग ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के काशीपुर की हवा को बेहतर बनाने के लिए किये जा रहे कार्यों के नतीजों पर सवाल खड़े कर दिये हैं। काशीपुर का क्षेत्रीय कार्यालय हवा की स्वच्छता में सुधार तो क्या लाता उसकी उदासीनता ने काशीपुर को 3 रैंकिग और नीचे ला दिया है।
यदि समय रहते पीसीबी अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागा और काशीपुर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस और सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में यहां के निवासियों को सांस लेना भी दूभर हो जाएगा।



