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Thursday, March 12, 2026
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काशीपुर : फौजी से ठग लिए 17 लाख, न मिला मकान, न कोई प्लॉट

Fraud From Military Person काशीपुर (महानाद) : 3 लोगों पर एक फौजी से उसका मकान बनाकर देने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

ग्राम सज्जनपुर पीली, हरिद्वार निवासी फौजी मनीष कुमार पुत्र रमेश ने कुंडेश्वरी चौकी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके रिश्तेदार ब्रजेश कुमार शर्मा पुत्र महेशानन्द शर्मा निवासी10ए ग्राम नीझड़ा, काशीपुर जिला ऊपम सिंह नगर ने एक प्लॉट काशीपुर में दिलवाने के लिए काशीपुर बुलाया था। नवम्बर 2016 में उसने अपनी बहन मोनिका व सुधीर डंडरियाल निवासी हरिद्वार के साथ ब्रजेश कुमार शर्मा के घर आया। वहां पर उसे ब्रजेश के दोस्त गोपाल सिंह बिष्ट पुत्र आन सिंह निवासी पर्वतीय इंक्लेव, मानपुर रोड, काशीपुर भी मिला।

मनीष ने बताया कि दोनों लोगों ने उसे रामनगर रोड, काशीपुर में एक प्लॉट दिखाने की बात कही और उसे प्लॉट मालिक अजीत गुप्ता पुत्र शिवचरण गुप्ता निवासी मौ. काजीबाग, काशीपुर के घर पर ले गये। वहाँ से उपरोक्त तीनो व्यक्ति उसे व उसकी बहन को लेकर ग्राम लक्ष्मीपुर लच्छी, रामनगर रोड, काशीपुर ले गये। वहाँ पर तीनों ने उन्हें एक प्लाट जो कि पूरब-पश्चिम 45 फिट, उत्तर-दक्षिण 26 फिट का दिखाया और बताया कि यह प्लॉट अजीत गुप्ता का है और हम इस प्लाट पर दो साल में तुम्हें मकान बनाकर दे देंगे।

मनीष व उसकी बहन को व प्लॉट पसन्द आया और प्लॉट पर मकान बनाने सहित 17 लाख रुपये की कीमत तय हुई। फिर उपरोक्त तीनो लोगों ने उसके नाम से एचडीएफसी बैंक, शाखा काशीपुर के हाऊजिंग डवलपमेन्ट फाइनेन्स कापोरेशन लि. से 15,00,000/ का हाऊजिंग लोन भी स्वीकृत कराया। जिसमें से 14 लाख रुपये का भुगतान सीधे बैंक से रजिस्ट्री के वक्त बैंक द्वारा अजीत गुप्ता ने दिनांक 30.03.2017 को प्राप्त कर लिया। व 3 लाख रुपये उसने नकद अजीत गुप्ता को गोपाल बिष्ट व ब्रजेश शर्मा के जरिये अदा कर दिये।

मनीष ने बताया कि 30.03.2017 को बैनामा होने के उपरान्त दाखिल खारिज होने के बाद वह और उसकी बहन लगभग 2 वर्ष बाद खरीदे गये प्लॉट पर गये तो देखा कि वहाँ पर के प्लाट के बैनामे की नाप का कोई मकान बना हुआ नहीं है, ना ही उक्त नाप का कोई प्लॉट मौके पर है और जिस स्थान पर उपरोक्त तीनों लोगों ने उसे प्लॉट दिखाया था उस स्थान पर मकान बने हुए थे और अलग अलग लोग उन मकानों में रह रहे थे।

मनीषा ने जब उपरोक्त लोगों से अपने प्लॉट व मकान के सम्बन्ध में पूछा तो तीनों लोग टाल मटोल करते रहे और कहने लगे कि हम तुम्हारा मकान जरूर देंगे। यह कहते हुए यह लोग अबतक उसका बेबकूफ बनाते रहे। मनीष ने बताया कि क्योंकि वह फौज में नौकरी करता है इस कारण से नौकरी से छुट्टी न मिलने के कारण इनके झांसे में आता रहा। लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी इन तीनों लोगो ने उसे कोई मकान बनाकर नहीं दिया। इन लोगों ने उसके 17 लाख रुपये हड़प लिये हैं। ये तीनो लोग उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे। जिस कारण वह तुरन्त रिपोर्ट नहीं कर पाया।

पुलिस ने उपरोक्त तीनों लोगों के खिलाफ धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

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