सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : रामनगर के मालधन चौड़ क्षेत्र के मोहन नगर गांव में लकड़ी माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। खुलेआम कटर मशीनों से यूकेलिप्टस के हरे-भरे पेड़ों को दिनदहाड़े काटा जा रहा है, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर लगे लाखों रुपये मूल्य के पेड़ों को तस्कर लगातार काटकर बेच रहे हैं, जिसकी शिकायतें कई बार विभाग को दी जा चुकी हैं, यहां तक कि मामला सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, गुरनाम सिंह पुत्र जगतार सिंह, सावन सिंह और अमर सिंह पुत्रगण गुरनाम सिंह पर पहले भी अवैध कटाई के गंभीर आरोप लग चुके हैं। बताया जा रहा है कि अब तक ये लोग दो बार में करीब 100 से अधिक हरे पेड़ काटकर बेच चुके हैं। विभाग की टीम द्वारा मौका मुआयना करने के बावजूद लकड़ी तस्करों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से ही इलाके में कटर मशीनों की आवाजें गूंजती रहती हैं और सिंचाई विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है। आरोपियों पर रामनगर कोतवाली में एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, बावजूद इसके, विभागीय उदासीनता ने माफियाओं के हौसले और बढ़ा दिए हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बार सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी दी है। लेकिन इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों की खुलेआम अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।
‘आखिर कब तक सरकारी जमीन पर पर्यावरण की यह लूट यूं ही चलती रहेगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी जागेंगे या फिर माफिया के इशारों पर जंगल यूं ही कटते रहेंगे?’
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