मेरठ (महानाद) : साइबर सेल और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक फर्जी जनसेवा केंद्र (सीएससी सेंटर) का भंडाफोड़ कर पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वाले गिरोह के दो सदस्यों, बाप-बेटे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, चेकबुक और डेबिट-क्रेडिट कार्ड आदि बरामद किए हैं।
रविवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर साइबर सेल तथा लिसाड़ी गेट पुलिस क्षेत्र में जनसेवा केंद्रों की जांच कर रही थी। इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस एवं मुखबिर की सूचना पर अंसार कॉलोनी, गोला कुआं स्थित रॉयल सर्विसेज जन सेवा केंद्र चलाने वाले अरकम पुत्र निजामुद्दीन और निजामुद्दीन पुत्र यासीन को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी अवनीश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से 2 मोबाइल फोन, 92 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, 10 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 139 वोटर आईडी कार्ड, 16 ब्लैंक हेल्थ कार्ड, 180 आधार कार्ड, 97 पैन कार्ड तथा 10 रबर स्टैंप और सील मोहर बरामद हुई हैं। मामले में थाना लिसाड़ी गेट में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी बाप-बेटे ने बताया कि वे अपने अन्य परिजनों के साथ मिलकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को गुमराह कर उनके पहचान पत्र प्राप्त कर लेते थे। बाद में इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पहचान पत्र तैयार कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और इन खातों से जुड़े डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन लेनदेन और साइबर धोखाधड़ी में किया जाता था।
एसपी क्राइम ने बताया कि जांच में instantmudra.in तथा swifemoney.in समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से धनराशि के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। बरामद खातों में से एक खाते के संबंध में असम से साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज मिली है, जिससे इस गिरोह के तार बड़े साइबर अपराधों से जुड़े होने की आशंका है।
एसपी ने बताया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य अबूबकर पुत्र निजामुद्दीन फरार है, जिसकी तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। अब पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर साइबर अपराधों को अंजाम दिया है।



