देहरादून/बाजपुर (महानाद) : पाकिस्तान से हथियार और 900 ग्राम स्मैक मंगाकर बाजपुर में छिपे पंजाब के वांटेड अपराधी को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर उसके पास से 1 दर्जन पिस्टल, 20 मैगजीन तथा 900 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के ‘अपराध मुक्त उत्तराखण्ड’ के विजन तथा डीजीपी उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों के भगोड़े अपराधियों/गैंगस्टरों की धरपकड़/गिरफ्तारी हेतु कार्यवाही की जा रही है।
उक्त क्रम में दिनांक 15/06/2026 की प्रातः उत्तराखण्ड एसटीएफ, पंजाब पुलिस व बाजपुर पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में मौहल्ला केशवनगर, बाजपुर, उधम सिंह नगर से पंजाब के भगोड़े/वांछित अपराधी ईशानप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह, निवासी गली नं. 1, सुरता सिंह कॉलोनी, नारायणगढ़, थाना छेहर्टा, अमृतसर सिटी को गिरफ्तार किया गया। जिस पर एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट में मुदकमें दर्ज हैं।
एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड अजय सिंह ने बताया कि दिनांक 23 मई,2026 को अमृतसर, पंजाब में नशा एवं हथियार तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) अमृतसर एवं बीएसएफ टीम द्वारा एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें ईशानप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह के आवास पर रेड की गई। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ईशानप्रीत सिंह मकान की छत से छलांग लगाकर पीछे की ओर से फरार हो गया। तलाशी के दौरान उसके घर से भारी मात्रा में अवैध हथियार एवं मादक पदार्थ बरामद किए गए।
3 बरेटा पिस्टल
3 जिगाना पिस्टल
6 मेड इन चाइना पिस्टल
– 20 मैगजीन
– लगभग 900 ग्राम हेरोइन
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पंजाब पुलिस से सम्पर्क करने पर ये बात सामने आयी कि ईशानप्रीत के पास सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये बॉर्डर पर ये हथियार व ड्रग्स पहुँचाये गये थे। तब से पंजाब पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा उसकी तलाश के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच उत्तराखण्ड एसटीएफ को पंजाब पुलिस के माध्यम से ईशानप्रीत के उत्तराखण्ड में जनपद ऊधम सिंह नगर में होने की सूचना दी गयी जिसपर एक टीम को इस टास्क पर लगाया गया तथा 15 जून की तड़के एसटीएफ उत्तराखंड, पंजाब पुलिस की एएनटीएफ व स्थानीय पुलिस टीम द्वारा चलाये गये ज्वाइंट ऑपरेशन में बाजपुर के केशवनगर से इसे गिरफ्तार किया गया। जिसे पूछताछ के उपरान्त पंजाब पुलिस के सुपुर्द किया गया।



