रुद्रपुर/देहरादून (महानाद) : अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस रैकेट पर एसटीएफ का चौतरफा प्रहार जारी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ ने लगातार तीसरे दिन बड़ी सफलता हासिल करते हुए जनपद ऊधम सिंह नगर के सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र से 2 और शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 अत्याधुनिक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल एवं 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
आपको बता दें कि अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस मामले में एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। एसटीएफ अब तक राज्य के विभिन्न जनपदों में 3 गंभीर मुकदमे दर्ज कर इस संगठित नेटवर्क से जुड़े 9 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है तथा उनके पास से अब तक 14 अवैध अत्याधुनिक शस्त्र, 341 जिंदा कारतूस एवं भारी मात्रा में संदिग्ध/कूटरचित दस्तावेज जब्त कर चुकी है।
इसी क्रम में एसटीएफ ने 2 अभियुक्तों करनजीत सिंह (35 वर्ष) संचालक- सरदार जी रेस्टोरेंट, सितारगंज, हाल निवासी ऊधम सिंह नगर, मूल निवासी- बरेली, उ.प्र. तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36 वर्ष) निवासी- निकट मंडी, सितारगंज, ऊधम सिंह नगर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक (.30 बोर), 1 पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक (.32 बोर) तथा 31 जिंदा कारतूस (.30 एवं .32 बोर) के बरामद किये हैं।
एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, एमपी सिंह, एसआई जगदीप नेगी, प्रकाश भगत, एएसआई सत्येन्द्र गंगोला, हे.कां. मनोज बवाड़ी, गोविन्द बिष्ट, सुरेन्द्र कनवाल, मोहित वर्मा, कां. रवि बोरा, गुरवंत सिंह, हे.कां. चालक संजय कुमार शामिल थे।
एसएसपी एसटीएफ उत्तराखण्ड का कड़ा संदेश –
वर्ष 2026 के प्रारम्भ से ही एसटीएफ की टीमें इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह अवैध खेल केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है।
एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी। जांच में जिस किसी भी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक अथवा सहयोगी की संलिप्तता के साक्ष्य मिलेंगे, उसके विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।



