देहरादून, 23 मई । आगामी मानसून सीजन और बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को आईटी पार्क स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष में यात्रा की समीक्षा करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला प्रशासन, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में पूर्व वर्षों की तरह रात्रिकालीन दर्शन व्यवस्था को भी सुचारू रूप से संचालित किया जाए।
उन्होंने यात्रा मार्गों पर बनाए गए होल्डिंग एरिया को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए। साथ ही इन स्थानों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएं और ठहरने की व्यवस्था जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन और भारी वर्षा को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी जिलों को पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए निकासी योजना तैयार रहे, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके। युकाडा को भी एयरलिफ्ट जैसी परिस्थितियों के लिए अपनी तैयारियां दुरुस्त रखने को कहा गया है।
इसके अलावा, सभी जिलों को राशन और आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपदा स्थिति में राहत कार्य प्रभावित न हो।
मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य रूप से प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमार व्यक्तियों को यात्रा से बचने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया।
बैठक में सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल और एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित संबंधित जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।



