सलीम अहमद
रामनगर (महानाद) : कृषि मंडी में दुकानों के आवंटन और सरकारी बगीचे की लीज को लेकर उठे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम गोपाल सिंह चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन सौंपने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कृषि मंडी में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लाखों रुपये के कथित लेनदेन की चर्चा सामने आई है। इसके अलावा सरकारी बगीचे को एक निजी व्यक्ति को लीज पर दिए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मामले में कथित अवैध लेनदेन की जानकारी का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि दुकानों का आवंटन और सरकारी भूमि/बगीचे की लीज पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं, यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि कृषि मंडी की दुकानों के आवंटन तथा सरकारी बगीचे की लीज से जुड़े सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

हालांकि, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल कृषि मंडी से जुड़े इन आरोपों ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं और अब निगाहें सरकार की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक रणजीत रावत, नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष देशबंधु रावत, भुवन पांडेय, चाँद खान, ममता आर्य, जावेद खान, आदि शामिल रहे।



