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Thursday, April 16, 2026
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जसपुर : नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने वाला वहशी दरिंदा गिरफ्तार

पराग अग्रवाल
जसपुर (महानाद) : पुलिस ने एसएसपी मणिकान्त मिश्रा के कुशल नेतृत्व में नाबालिग के साथ दुष्कर्म व नृशंस हत्या का महज 12 घंटे में खुलासा करते हुए वहशी दरिंदे को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सना ब्लेड और कपड़े भी बरामद कर लिये हैं।

मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि ग्राम अमियावाला में 16 सितंबर 2025 को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गाँव व आसपास के क्षेत्र को हिला दिया था। गाँव की एक नाबालिग किशोरी शाम के समय पशुओं के लिए गन्ने का छिलका लेने घर से निकली थी। लेकिन इसी दौरान गाँव का ही युवक राजीव (20 वर्ष) पुत्र मोहन सिंह उस पर नजर रखे हुए था। मौका पाकर राजीव किशोरी के पीछे-पीछे खेत तक गया और उसे जबरन अंदर खींच खेत में ले गया।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने उसका विरोध किया तो उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसका हाथ मरोड़कर तोड़ दिया, गला दबाकर बेहोश किया और फिर धारदार ब्लेड से चेहरे व पेट पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। मृतका का शव घर से 150 मीटर दूर गन्ने के खेत में बरामद हुआ। मासूम बच्ची की निर्मम हत्या से गाँव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। मृतका की माँ की तहरीर पर कोतवाली जसपुर में धारा 103(1)/64(1) बीएनएस व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकान्त मिश्रा ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और वारदात का जल्द से जल्द अनावरण करने के लिए पुलिस की 10 टीमों का गठन कर साफ निर्देश दिए कि अपराधी किसी भी हाल में बच न पाए।

एसपी क्राइम निहारिका तोमर, एसपी काशीपुर अभय प्रताप सिंह, सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने फोरेंसिक विशेषज्ञों, मोबाइल फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए।

डॉग स्क्वॉड का डॉग ‘टाइगर’ घटनास्थल से सीधे मृतका के घर पहुँचा और उसके बाद आरोपी के घर जाकर उसके कपड़ों को सूंघकर पहचान कर इंडिकेट किया। यह सुराग जांच में निर्णायक साबित हुआ।

आरोपी राजीव ने अपने दोस्तों व परिवार वालों को बताया था कि पास वाले गन्ने के खेत से बच्चे के रोने की आवाज आ रही है, परन्तु घटनास्थल की दूरी लगभग 150 मीटर गन्ने के खेत में थी, जहाँ से आवाज का आना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

पुलिस ने गाँव में डोर-टू-डोर पूछताछ की। उन युवकों की लिस्ट तैयार की गई जो पहले आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे थे या थाने में लाए गए थे। बाहरी लोगों की गतिविधियों पर भी नजर डाली गई। इसी दौरान राजीव पर पुलिस का शक गहराया। उसका व्यवहार और बयान बदलते रहना संदेहास्पद लगा। जब आरोपी को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की गई तो पहले वह बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रत्यक्ष प्रमाणों के सामने टूट गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

आरोपी राजीव ने कबूल किया कि बच्ची को खेत में अकेला पाकर उसने दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, घटना के बाद आरोपी गाँव में लोगों को भड़काने और मामले को दूसरी दिशा देने की भी कोशिश करता रहा। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सना धारदार ब्लेड, घटना के समय पहने खून आलूदा कपड़े तथा गन्ने के खेत से बरामद अन्य फोरेंसिक साक्ष्य बरामद किये।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी राजीव पर पूर्व में भी कोतवाली जसपुर में मुकदमा दर्ज है। यह मुकदमा दिनांक 19/08/2025 को धारा 115(2)/351(2)/352 बीएनएस के तहत पंजीकृत किया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने अपने आप को घायल दिखाकर दूसरों को फंसाने की कोशिश की थी।

कोतवाली जसपुर पुलिस ने एसएसपी मणिकान्त मिश्रा के कुशल नेतृत्व और अधिकारियों की रणनीति के तहत महज 12 घंटे में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या जैसे जघन्य अपराध का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने जहाँ मृतका के परिजनों को न्याय की उम्मीद दिलाई है, वहीं ग्रामीणों के बीच पुलिस की साख और विश्वास और भी मजबूत हुआ है। यह मामला पुलिस की सजगता, संवेदनशीलता और अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त उदाहरण है।

चौकी इंचार्ज धर्मपुर एसआई केसी आर्य ने बारीकी से सुराग खंगाले और गहनता से पूछताछ करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप मात्र 12 घंटों के भीतर ही शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस टीम में सीओ दीपक सिंह, प्रभारी निरीक्षकदृराजेन्द्र सिंह डांगी, रवि सैनी, हरेन्द्र चौधरी, एसओजी प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक, थाना प्रभारी आईटीआई कुन्दन सिंह रौतेला, प्रदीप कुमार मिश्रा, रविन्द्र बिष्ट, फोरेंसिक फील्ड यूनिट प्रभारी सत्यप्रकाश रायपा, विवेचक रुचिका चौहान, एसएसआई जावेद मलिक, अनिल जोशी, एसआई केसी आर्य, गोविन्द सिंह मेहता, इन्द्र सिंह ढेला, संतोष देवरानी, सुशील कुमार, हरीश आर्य, हे.कां. नवीन प्रकाश, गणेश राम, कां. अरुण कुमार, अब्दुल मलिक, प्रविन्दर, कुलदीप, हेमचन्द्र फुलारा, समीर, कपिल, एसओजी कां. कैलाश तोमक्याल, हे.कां. दीपक, रविन्द्र, कां. नीरज शुक्ला, पंकज बिनवाल, राजेंद्र आदि ने अहम भूमिका निभाई।

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