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Friday, July 31, 2026
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टिहरी में भी कई गांव खतरे की जद में, घरों-खेतों में आई दरारें…

Uttarakhand News: उत्तराखंड के जोशीमठ क्षेत्र में हुए भू-धंसाव से जहां लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए है। वहीं अब टिहरी में भी कई गांव खतरे की जद में आ गए है। बताया जा रहा है कि यहां घनसाली के घुत्तू भिलंग में निर्मित 29 मेगावाट की भिलंगना हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की 6 किमी लंबी की सुरंग के ऊपर बसे चंदला गांव के आवासीय भवनों और कृषि भूमि में दरारें आने से ग्रामीणं दहशत में आ गए हैं। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से विस्थापन की मांग की है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार ग्रामीणों का कहना है कि 24 मेगावाट की भिलंगना हाइड्रोपावर की जल विद्युत परियोजना की टनल गांव के ठीक नीचे से गुजर रही है। जिससे भू-धंसाव और दरारें आने की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन व जल विद्युत परियोजना के अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। भिलंग पट्टी के कई गांवों में भू-धंसाव व दरारें पड़ने की सूचना के बाद तहसील प्रशासन व भूगर्भीय वैज्ञानिकों की टीम ने गांव का दौरा किया और भू-धंसाव व दरारों वाले स्थानों का निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि यहां गांव के निरीक्षण के दौरान खेतों व मकानों में एक फीट से अधिक दरारें दिखाई दे रही हैं।

वर्ष 2004 में भिलंगना हाइड्रो पावर का कार्य पूर्ण होने के बाद बिजली उत्पादन शुरूं हो गया। लेकिन तब से परियोजना की 6 किमी लंबी सुरंग के ऊपर बसे गांवों में हल्का-हल्का भू-धंसाव होने के साथ दरारें पड़नी शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग के ऊपर बसे चंदला, वीना, सिंदवाल गांव तथा जोगियाडा सहित 6 गांवों के भवनों और कृषि भूमि में भूधंसाव के साथ दरारें पड़ने से ग्रामीण परेशान थे। बताया कि धीरे धीरे दरारें चौड़ी होने लगी है। वहीं, डीएम मयुर दीक्षित ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनकी हर तरह से मदद की जाएगी. जिला प्रशासन से ग्रामीणों को पूरी सहायता मिलेगी।

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