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Tuesday, August 11, 2026
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महिलाएँ हमारी संस्कृति, खेत और आजीविका की मुख्य धुरी : गीता धामी

चंपावत (महानाद) : सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से मातृशक्ति को समर्पित एक भव्य ‘सावन उत्सव – 2026’ का आयोजन टनकपुर स्थित मिलन वाटिका में अत्यंत हर्षाेल्लास एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। लोक-संस्कृति, भक्ति और आधुनिक उत्साह से सजे इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का सम्मान करना और देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना रहा।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी गीता धामी ने ‘एक पौधा, प्रकृति के नाम’ मुहिम के तहत चंदन का पौधा रोपा और सभी उपस्थित महिलाओं को पौधा वितरण कर पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने सभी माताओं एवं बहनों से अपनी लोक-संस्कृति को सहेजने तथा पारंपरिक परिधानों व सोलह श्रृंगार में सज-धजकर उत्सव की भव्यता बढ़ाने का आग्रह किया।

उत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में लोकधुनों पर आधारित ‘सुपर ईंजा डांस प्रतियोगिता’ और रैंप वॉक के साथ आयोजित ‘मिसेज सावन क्वीन – 2026’ प्रतियोगिता रही। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को ‘नन्दा शिखर सम्मान’ से नवाजा गया तथा हर प्रतिभागी का उत्साहवर्धन करने के लिए सहभागिता पुरस्कार भी वितरित किए गए।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यह आयोजन भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम साबित हुआ। मंच पर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ, ग्रुप डांस और नाट्य मंचन प्रस्तुत किए गए। उत्तराखंड की समृद्ध लोक-परंपराओं को दर्शाते हुए सांतूं-आंठू (गौरा महेश) और झोड़ा-चांचरी की विशेष प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का लगाने के लिए ‘सावन सरप्राइज अवॉर्ड्स’ और कई मजेदार खेल आयोजित किए गए, जिनमें मौके पर ही महिलाओं से प्रश्न पूछकर पुरस्कार दिए गए।

सावन उत्सव कार्यक्रम के दौरान गीता धामी ने कहा कि हमारी मातृशक्ति केवल घर-चौखट संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारे खेत, संस्कृति और आजीविका की मुख्य धुरी हैं। आज शिक्षा, खेल, प्रशासन और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में बहनें अपने अदम्य साहस और प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसी सोच के साथ बेटियों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि ‘नंदा गौरा योजना’ बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक का एक पवित्र संकल्प है, ताकि संसाधनों की कमी कभी उनकी पढ़ाई और हौसलों में रुकावट न बने। बेटी परिवार का अभिमान और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है, और एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार और समाज की सोच को बदल देती है।

गीता धामी ने कहा कि असली सशक्तिकरण तब आता है जब महिलाएँ आत्मनिर्भर बनती हैं और अपनी पहचान स्वयं गढ़ती हैं। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी क्रांतिकारी पहलों के माध्यम से आज बहनें सफल उद्यमी बन रही हैं। उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला, हस्तशिल्प, स्थानीय खाद्य उत्पाद, कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और होमस्टे के ज़रिए महिलाएँ न केवल अपने घर का चूल्हा रोशन कर रही हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोज़गार के अवसर पैदा कर रही हैं।

सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी के रूप में उन्होंने बहनों और बेटियों से वादा किया कि फाउंडेशन शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और मार्केटिंग के माध्यम से मातृशक्ति को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, शिक्षिकाओं, आँगनबाड़ी कार्यकर्तियों, आशा कार्यकर्तियों, आपातकालीन सेवा में चिकित्सा टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत महिलाओं तथा क्षेत्र की प्रथम टुकटुक संचालिका आदि 10 कर्मठ बहनों को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

उन्होंने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनकी साधना और संघर्ष का प्रतीक है, जो समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। अंत में उन्होंने सभी से मिलकर एक ऐसे उत्तराखंड के निर्माण का आह्वान किया जहाँ हर नारी स्वाभिमान के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। कार्यक्रम का संचालन कल्पना आर्य द्वारा किया गया।

इस दौरान राज्य दर्जा मंत्री हेमा जोशी, किरन देवी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा दीपा जोशी, अध्यक्ष नगर पंचायत बनबसा रेखा देवी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत पुष्पा विश्वकर्मा, सुनीता मुरारी, मण्डल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, जिला पंचायत सदस्य बनबसा सरोज चन्द, सुनीता यादव, कपि धस्माना, रुकमणी उनियाल, बबीता गोस्वामी, मुन्नी देवी, सफाई आयोग गीता देवी, हंसा जोशी, विद्या, निशा वर्मा, रीता कलखुड़िया, उर्मिला चन्द आदि मौजूद रहे।

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