गदरपुर (महानाद) : टनकपुर से हरिद्वार जा रही रोडवेज की बस पर कुछ बदमाशों ने गदरपुर चीनी मिल के पास पथराव कर दिया और डंडे मारकर शीशे तोड़ डाले। बदमाशों की इस हरकत से बस में बैठी सवारियां दहशत में आ गईं और चीख पुकार मच गई। बस चालक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरु कर दी है।
शारदा घाट, टनकपुर निवासी शारदा शंकर पुत्र खड़क सेन शर्मा ने गदरपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह वर्ष 2014 से टनकपुर डिपो में रोडवेज वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं। दिनांक 1.4.2026 को वह रोडवेज गाड़ी संख्या यूके07 पीए 2905 को लेकर हरिद्वार के लिए निकले था, गाड़ी में बहुत सवारी बैठी थीं, उनके साथ गाड़ी में कंडक्टर विनोद कुमार भी साथ में थे।
शारदा शंकर ने बताया कि जब उन्होंने गदरपुर चीनी मिल के पास अपनी बस को दो अलग-अलग मोटरसाइकिल सवारों से ओवरटेक किया तो आगे कुछ दूरी पर उन मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी गाड़ी को जबरदस्ती रुकवा लिया और दो अज्ञात युवकों ने बस में चढ़ने वाला मेन गेट का शीशा तोड़ दिया और बस के अंदर आकर उनसे हाथापाई व गाली गलौज की। जब इसका विरोध सवारियों ने किया तो वह लड़के उतर गए।
शारदा शंकर ने बताया कि जब उनकी बस रत्न की मडैया, केलाखेड़ा पर पहुंची तो वही लड़के उनकी बस का पीछा करते हुए दिखाई दिए, उनके साथ अन्य तीन-चार मोटरसाइकिलों में 5-6 लड़के शामिल थे, कईयों के हाथ में लाठी डंडे भी थे। उन्होंने बस को पीछे व बाएं दाएं से पत्थर डंडे बरसाना शुरू कर दिया, जिससे बस के अंदर बैठी सवारियों के चोट भी आई और बस का पीछे का पूरा शीशा व दाएं बाएं साइडों के कई शीशे टूट गये।
शारदा शंकर ने बताया कि यह लोग बस को जबरदस्ती रोककर उनके साथ गंभीर घटना घटित करना चाह रहे थे, ये लोग भद्दी-भद्दी गालियां व जान से मारने की धमकी दे रहे थे, इन लोगों द्वारा बेतहाशा पत्थरबाजी की गई, जिससे गाड़ी में बैठी सवारियों को पूर्ण रूप से जान का खतरा बन गया। बदमाशों ने उनकी बस का दोराहे तक पीछा किया, डर के मारे उन्होंने बस को दोराहा चौकी पर रोक दिया, जिस पर वे बदमाश वहां से भाग गए। उन्होंने उक्त बदमाशों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।
शारदा शंकर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ बीएनएस की धारा –
3 – यदि कई लोग मिलकर एक ही साझा इरादे (shared intention) से कोई अपराध करते हैं, तो सभी को वैसे ही सजा मिलेगी जैसे कि अपराध अकेले किया हो । (यह IPC की धारा 34 के समान है)।
115(2) – यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को शारीरिक चोट पहुँचाता है, तो उसे 1 वर्ष तक की कैद, ₹10,000 तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह एक जमानती (bailable) और असंज्ञेय (non-cognizable) अपराध है।
126(2) – से संबंधित है। जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को उस दिशा में जाने से रोकता है, जहाँ जाने का उसे कानूनी अधिकार है, तो यह अपराध बनता है। इसके लिए 1 महीने तक की कैद, 5,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
132- यदि कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक (Public Servant) पर उनके कर्तव्य के दौरान हमला करता है या आपराधिक बल का उपयोग करता है, तो यह दंडनीय अपराध है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा करना है।
191(2) – यदि विधि विरुद्ध जमाव (5 या अधिक लोग) साझा उद्देश्य के लिए हिंसा का उपयोग करते हैं, तो प्रत्येक सदस्य दोषी होगा। इसके तहत, बलवा के दोषी को 2 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
324(2) – ‘रिष्टि’ (Mischief) यानी जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से संबंधित है, जो पुरानी IPC धारा 425/427 का स्थान लेती है। इसके तहत किसी की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने या उसकी उपयोगिता कम करने पर 6 महीने से लेकर 5 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
351(2) – ‘आपराधिक धमकी’ (Criminal Intimidation) से संबंधित है। इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी को उसके शरीर, प्रतिष्ठा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है, या किसी प्रियजन को नुकसान पहुँचाने की धमकी देकर कोई कार्य करवाता है, तो उसे 2 वर्ष तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।
352 – शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करता है और उसे पता है कि इससे शांति भंग होगी या कोई अपराध होगा, तो उस पर यह धारा लगाई जा सकती है। इसमें 2 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
के तहत मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरु कर दी है। मामले की जांच एसआई मोहन सिंह बोरा के हवाले की गई है।



