सुहानी अग्रवाल
नीदरलैंड/देहरादून (महानाद) : हमारी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिलाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नीदरलैंड ने भारत को 11वीं सदी के दुर्लभ ‘अनाइमंगलम ताम्रपत्र’ सौंप दिये हैं।
उक्त जानकारी देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान 11वीं सदी के दुर्लभ ‘अनाइमंगलम ताम्रपत्र’ भारत को वापस सौंपे गए। लगभग एक सहस्राब्दी पुराने ये ताम्रपत्र महान सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम के सुशासन, समुद्री सामर्थ्य, वैश्विक व्यापारिक प्रभाव और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना के जीवंत प्रमाण हैं। सदियों तक विदेश में रहने के बाद अब यह गौरवशाली धरोहर अपनी मातृभूमि की मिट्टी से जुड़ रही है।
उन्होंने बताया कि करीब 30 किलो वजनी यह अमूल्य धरोहर केवल ताम्रपत्रों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत के स्वर्णिम इतिहास, सांस्कृतिक गौरव और सभ्यतागत वैभव की अमिट पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी खोई हुई विरासत को पुनः सम्मानपूर्वक वापस ला रहा है, जिससे हर भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है।




