चम्पावत 23 मई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्र टनकपुर–बनबसा के लिए बड़ी सौगात देते हुए 220/33 केवी विद्युत उपसंस्थान परियोजना हेतु ₹3 करोड़ की धनराशि जारी की है। नेपाल सीमा से सटे इस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है।
घोषणा संख्या-646/2023 के तहत ₹150.40 करोड़ की लागत से 220/33 केवी जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन) की स्थापना की जा रही है। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके पूर्ण होने पर टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में लो वोल्टेज जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना केवल आम उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि सीमांत सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। इसके माध्यम से एसएसबी और सेना को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, बेहतर बिजली व्यवस्था से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बनबसा में बन रहे इस उपसंस्थान का कार्य वर्तमान में लगभग 25 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जीआईएस उपकरणों की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आई है। वहीं, वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया के तहत पावर ट्रांसमिशन निगम लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा ₹6.02 करोड़ वन विभाग को जमा कराए जा चुके हैं।
इसके साथ ही 220 केवी टनकपुर–सीबी गंज लिलो लाइन का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो इस उपसंस्थान को मुख्य ग्रिड से जोड़कर विद्युत आपूर्ति को और अधिक विश्वसनीय बनाएगा।
परियोजना के पूरा होने पर टनकपुर–बनबसा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा और सीमांत जनपद चम्पावत के विकास को नई गति मिलेगी।



