spot_img
spot_img
Monday, August 31, 2026
spot_img

एक माह के भीतर मां-पिता को खोने वाली बेटी के नहीं डिगे हौसले, अंतिम संस्कार से पहले दिया एग्जाम…

उत्तराखंड में गुलदार के आतंक का एक परिवार शिकार हो गया है। हाल ही में उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के भड़कोट गांव में एक महिला को गुलदार ने शिकार कर मौत के घाट उतारा था। उसी मां की बेटी ने बहादुरी दिखा कर मिसाल पेश की है। हर कोई इस बेटी के हौसलों को सलाम कर रहा है। आइए आपको पूरी कहानी बताते है।

दरअसल उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के भड़कोट गांव में घर के पास घास काटने गई 42 वर्षीय महिला को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। मृतक भागीरथी देवी के पति भूपति प्रसाद नौटियाल की भी एक माह पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके दो बच्चे मनीषा (21) और शुभम (19) अभी कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। इनके पास आर्थिकी का कोई साधन नहीं है। बेटी पर घर की जिम्मेदारी आ गई है। मां अपनी बेटी को पढ़ा-लिखा कर पैरों पर खड़ा करना चाहती थी। बेटी अब अपनी मां के इस सपने को पूरा करने में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि एक माह के भीतर पिता के बाद अब मां को खोने से जहां बच्चे अनाथ हो गए। उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तो वहीं बच्चों ने ऐसे में अपनी हिम्मत को टूटने नहीं दिया। मां को खोने वाली बेटी अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए उसके अंतिम संस्कार से पहले अपना बीए प्रथम वर्ष का पेपर देने गई। पेपर देकर लौटी बेटी ने नम आंखों से अपनी मां को विदा किया। जिसके बाद पूरे रिति रिवाज के साथ भागीरथी देवी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव रो पड़ा।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles