विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : अधिवक्ता परिषद देवभूमि उत्तराखंड की काशीपुर इकाई की बैठक में बृहस्पतिवार को आगामी तीन वर्षों (2026-2029) के लिए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। बैठक में संगठन को अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने, अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण तथा समाज में विधिक जागरूकता के विस्तार को लेकर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद रस्तौगी को अध्यक्ष, अभिताभ सक्सेना को महामंत्री तथा समर्थ विक्रम सिंघल को कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। इसके अतिरिक्त विवेक जैन, अंजलि रस्तौगी एवं सुरजीत चौधरी को संरक्षक बनाया गया है। पूनम कांबोज, बेबी कश्यप, दुष्यंत चौहान, हेमा जोशी एवं कविता चौहान को उपाध्यक्ष के विभिन्न दायित्व दिए गए हैं। सुशील चौधरी, विकास अग्रवाल, पूनम वर्मा, प्रीति शर्मा एवं प्रीति कश्यप को मंत्री मंडल में स्थान दिया गया है।
वहीं विष्णु भटनागर को लेखा परीक्षक, भावना वर्मा को महिला प्रमुख, अस्तित्व रस्तौगी को प्रचार-प्रसार प्रमुख, नागेंद्र प्रताप सिंह नेगी को स्वाध्याय मंडल प्रमुख, कामिनी श्रीवास्तव को न्याय परामर्श केंद्र प्रमुख तथा शुभम सिंघल को न्याय प्रवाह प्रमुख बनाया गया है। कार्यकारिणी में मनीषा चौहान, रूपा माटा, बीसी नौटियाल, विवेक मिश्रा, अनिल शर्मा (मोनू), अमित गुप्ता, पवन शर्मा, योगेश कुमार, अर्पित चौहान,अनिल कुमार शर्मा, गौरांशी रस्तौगी, अंकित चौधरी, अभिषेक अग्रवाल, गोमती चौहान, अशोक कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं को सदस्य तथा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भी शामिल किया गया है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता परिषद देशभर के अधिवक्ताओं का एक प्रमुख राष्ट्रव्यापी संगठन है, जो अधिवक्ताओं में व्यावसायिक उत्कृष्टता, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करता है। परिषद न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने, विधिक सहायता उपलब्ध कराने, संविधान एवं विधि के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा अधिवक्ताओं के सतत बौद्धिक विकास के उद्देश्य से समय-समय पर स्वाध्याय वर्ग, विधिक संगोष्ठियां, प्रशिक्षण कार्यक्रम, निःशुल्क विधिक परामर्श शिविर एवं सामाजिक सेवा के विविध कार्यक्रम आयोजित करती है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष आनंद रस्तौगी ने कहा कि नई कार्यकारिणी सभी वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं को साथ लेकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता परिषद केवल अधिवक्ताओं का संगठन नहीं, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करती है।
महामंत्री अभिताभ सक्सेना ने कहा कि आगामी कार्यकाल में सदस्यता अभियान को गति देने, नियमित स्वाध्याय एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने, युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन, विधिक सहायता गतिविधियों के विस्तार तथा समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
बैठक के अंत में उपस्थित अधिवक्ताओं ने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा तथा न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



