विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने महुआखेड़ा गंज निवासी 2 व्यक्तियों पर उन्हें फैक्ट्री बेचने के नाम पर 4 करोड़ 25 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी करने का आरोप लगाया है। आईटीआई कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
दिल्ली निवासी संजीव गोयल पुत्र देवेन्द्र गोयल ने एसएसपी उधम सिंह नगर को शिकायती पत्र देकर बताया कि पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, रोहणी, दिल्ली के डायरेक्टर शुभम गोयल व सुमित गोयल पुत्रगण विजेन्द्र गोयल हैं। उनके द्वारा अपनी उक्त कम्पनी की यूनिट उत्तराखण्ड में प्रारम्भ करनी थी, जिसके लिये महुआखेड़ा गंज, काशीपुर के 6346 वर्ग मीटर भूमि का तेरह करोड़ इकत्तीस लाख रुपये का इकरारनामा मैसर्स अडोराटैक्स द्वारा मौ. रिजवान अंसारी एवं 3796 वर्ग मीटर एक करोड़ रुपये का इकरारनामा मैसर्स होम फ्लोरिंग एण्ड डेकोर प्रा. लि. के मालिक मौ. रिजवान अंसारी पुत्र हाजी मौहम्मद इलियास, निवासी महुआखेड़ा गंज, काशीपुर द्वारा दिनांक 12.12.2022 को तहसील काशीपुर में पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के हक में भूमि, प्लांट मशीनरी समस्त निर्माण सहित का इकरारनामा तहरीर कराकर नोटरी अधिवक्ता के समक्ष तस्दीक किया गया।
संजीव गोयल ने बताया कि उपरोक्त भूमि/फैक्ट्री की एवज में बतौर बयाना 1 करोड़ 45 लाख रुपये मौ. रिजवान अंसारी द्वारा बैंक खाते में प्राप्त किये गये थे। इकरारनामें में भूमि का बैनामा कराने का समय दिनांक 28.02.2024 तय किया गया था, चूंकि पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को अपना प्रोडक्शन प्रारम्भ करना था इसलिये मौ. रिजवान अंसारी द्वारा प्रस्ताव दिया गया कि जब तक बैनामे का समय आयेगा तब तक आप उक्त फैक्ट्री की मशीनों की मरम्मत कराकर अपने उपयोग में ले लो और तब तक आप यह फैक्ट्री 7,05,500 रुपये के मासिक किराये पर ले लो।
संजीव गोयल ने बताया कि उसी दिन उपरोक्त सम्पत्ति का किरायानामा उप-निबन्धक कार्यालय काशीपुर में पंजीकृत कराया गया। पेरामाउंट पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उक्त फैक्ट्री में स्थित मशीनों की मरम्मत कराकर उसे चालू कराया गया और अपना प्रोडक्शन प्रारम्भ किया गया। मौ. रिजवान अंसारी द्वारा उनकी कंपनी से 70,77,531 रुपये का तैयार माल (फाईबर) खरीदा गया और कहा कि यह रकम जमीन के बैनामे की धनराशि में सम्मिलित कर लेना।
संजीव गोयल ने बताया कि इसी दौरान मौ. रिजवान अंसारी द्वारा विभिन्न तिथियों में अडोरा टैक्स कंपनी के बैंक खाते में एक करोड़ तीस लाख रुपये प्राप्त किये गये। इस प्रकार मौ. रिजवान अंसारी द्वारा उनकी कंपनी से दो करोड़ सत्तर लाख रुपये मैसर्स अडोरा टैक्स व होम फ्लोरिंग डिकोर प्रा. लि. के बैंक खाते में प्राप्त किये गये और पेरामाउंट पॉलीटेक्स द्वारा फैक्ट्री की मरम्मत में लगभग अस्सी लाख रुपये लगाये गये थे।
संजीव गोयल ने बताया कि कुछ समय पश्चात उक्त फैक्ट्री के मूल्यों में वृद्धि होने लगी तो मौ. रिजवान अंसारी द्वारा उनसे सौदे की कुल कीमत में वृद्धि करने को कहा तो उन्होंने कहा कि हम तय समय पर पूर्ण धनराशि अदा कर बैनामा करा लेंगे। इस पर मौ. रिजवान व उसके रिश्तेदार मुन्ना अंसारी ने कहा कि यह जमीन बैंक में गिरवी रखी हुयी है। बैंक से ऋण मुक्त नहीं हो सकती है। हम तुम्हें किसी कीमत पर यह जमीन नहीं देंगे यदि अपनी जान की सलामत चाहते हो तो अपना सामान उठाकर जल्द से जल्द निकल जाओ, वरना तुम्हे यही निपटा देंगे ।
संजीव गोयल ने बताया कि उसके पश्चात मौ. रिजवान अंसारी द्वारा अनैतिक रूप से डरा धमका कर माह जून 2023 में फैक्ट्री खाली करा ली गयी और उसके द्वारा यह कहा गया कि आपकी समस्त बयाना धनराशि दो करोड़ सत्तर लाख व प्राप्त किये गये माल की धनराशि व मरम्मत की धनराशि कुल धनराशि चार करोड़ पच्चीस लाख सतत्तर हजार पांच सौ इकत्तीस रुपये आपको तीन माह में वापस कर दूंगा और यह जमीन मैं अब किसी कीमत पर नहीं दूंगा।
संजीव गोयल ने बताया कि उन्होनंे मौ. रिजवान अंसारी के दबाव में आकर फैक्ट्री से अपना कच्चा व पक्का माल उठा लिया था और प्लांट मशीनरी अन्य उपकरणों सहित मौ. रिजवान अंसारी ने रख लिये थे। उनके द्वारा अपनी धनराशि वापस करने के लिये तमाम तगादे किये परन्तु मौ. रिजवान अंसारी और उनके कर्मचारी मुन्ना अंसारी द्वारा टाल-मटोल किया जाता रहा। उन्होंने इनके काशीपुर स्थित फैक्ट्री में कई बार संपर्क किया परन्तु इनके द्वारा आज तक कोई भी धनराशि वापस नहीं की गयी और न ही भूमि का बैनामा उनकी कंपनी के नाम पंजीकृत किया गया।
एसएसपी अजय गणपति के आदेश पर पुलिस ने संजीव गोयल की तहरीर के आधार पर मौ. रिजवान अंसारी व मुन्ना अंसारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई अरविंद बहुगुणा के हवाले की गई है।



