रामनगर (नैनीताल) : एक वर्कशॉप में मिस्त्री का काम करने वाले एक व्यक्ति ने कुछ लोगों पर उसका अपहरण कर उसके मालिक की स्कॉर्पियो कार तथा 30 हजार रुपये, चांदी की चैन और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
हिम्मतपुर ब्लॉक, पीरूमदारा, रामनगर निवासी सफीक हैदर पुत्र सबी हैदर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह हसीन रजा की वर्कशॉप मे मिस्त्री का काम करता है तथा वही रहता है। 8 जून 2026 की रात्रि के करीब 12.00 बजे के आस पास वह वर्कशॉप से मालिक की स्कॉर्पियो गाड़ी (काले रंग) जिसका नंबर नही आया है, को चलाकर दिल्ली ढाबे पर रजनीगंधा लेने आया, जैसे ही वह रजनीगंधा लेकर वापस आया और गाड़ी का दरवाजा खोला, इतने मे किसी ने पीछे से उसके मुंह में कपड़ा डाला और उसके साथ गाली गलौच, मारपीट कर उसे जबरदस्ती स्कॉर्पियो के पीछे का दरवाजा खोलकर अन्दर डाल दिया।
सफीक ने बताया कि वह चिल्लाने लगा तो वे लोग कहने लगे कि चिल्ला मत गोली मार देंगे, फिर उन लोगों ने उसके मुंह से कपड़ा हटा दिया तब उसने देखा कि गाड़ी में ये कुल चार लोग बैठे हुए थे, उसकी कनपटी पर जिसने तमन्चा लगाया था उसे वे लोग विशाल आर्या कह रहे थे। वह कुछ बोलने की कोशिश कर रहा था तो उसने उसे थप्पड़ मारकर चुप रहने को कहा और तमन्चा उसकी कनपटी पर तान दिया। जो गाड़ी चला रहा था उसे वे लोग मंकू सागर नाम से बुला रहे थे।
सफीक ने बताया कि उन लोगो ने वहां से गाड़ी सीधे हाईवे पर भगाई। इसी दौरान उन्हें किसी का फोन आया तो ये गाड़ी को रानीखेत रोड की ओर लेकर चले गये। उन लोगों ने तमन्चे के बल पर उसकी जेब मे रखे कुल 30 हजार रुपये, गले से दो चांदी की चैनें व फोन छीन लिया और कहा कि अगर किसी को ये बात बताई या पुलिस के पास गया तो तूझे गोली मार देंगे। उसके बाद विशाल ने मंकू से कहा गाड़ी को थोड़ा धीरे कर ले और लखनपुर चौराहे से थोड़ा आगे जिसे ये लोग आसिफ नाम से पुकार रहे थे ने, उसे गाड़ी से धक्का देकर नीचे गिरा दिया और गाड़ी ले कर भाग गये ।
सफीक ने पुलिस से उसके मालिक की गाड़ी व छीने हुए पैसे व सामान वापस दिलवाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 309(4), 351(3), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई बीरेन्द्र सिंह बिष्ट के सुपुर्द की है।
देहरादून 9 जून। मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ. मनोज कुमार शर्मा के निर्देश पर जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ने बिधौली क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। थाना प्रेमनगर पुलिस के सहयोग से पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (UPES) के आसपास स्थित दुकानों का निरीक्षण किया गया।
अभियान के दौरान कुल 22 दुकानों की जांच की गई, जिनमें से 17 दुकानदार सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए। कई दुकानदार शैक्षणिक संस्थान के निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में तंबाकू उत्पाद बेचते मिले। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पाए गए छात्र-छात्राओं के विरुद्ध भी चालान एवं अर्थदंड की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कुल ₹3400 का अर्थदंड वसूला गया। अधिकारियों ने बताया कि COTPA अधिनियम के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के निकट तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है तथा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है।
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ने लोगों से तंबाकू निषेध कानूनों का पालन करने और युवाओं को नशे की लत से बचाने में सहयोग करने की अपील की है।
कार्रवाई दल में हेड कांस्टेबल गिरीश पटवाल, कांस्टेबल आशीष नेगी, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की जिला सलाहकार अर्चना उनियाल, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा एवं अनुराग उनियाल शामिल रहे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 नवंबर 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष बचे कार्यों को मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए। पुलों, पुलियाओं और जल निकासी तंत्र की जांच कर आवश्यक मरम्मत समयबद्ध ढंग से की जाए तथा नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और एंबुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची नियमित रूप से तैयार रखें। संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हवाई एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों, विद्यालयों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए। चारधाम यात्रा मार्ग समेत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि जेसीबी, खुदाई मशीन, डंपर, क्रेन और अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से संवेदनशील स्थलों पर तैनात रखा जाए। जहां बरसात के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक और सूचना पट्ट लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच चौबीसों घंटे समन्वय बना रहे। मौसम संबंधी चेतावनियां ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों और यात्रियों को समय पर मौसम की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने मानसून से पहले अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बिजली, पेयजल, सड़क, दूरसंचार और अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों, इसके लिए सभी विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। सीवेज शोधन संयंत्रों और पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा परीक्षण भी कराया जाए।
कैंचीधाम बाईपास आज से शुरू, जाम से मिलेगी राहत
कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर कैंचीधाम बाईपास बुधवार से आवागमन के लिए शुरू किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना
मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और निरंतर नवाचारों का परिणाम है।
बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर उत्तराखंड में 12 से 14 जून तक विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता और जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन व्यापक जनभागीदारी और प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक सभी जिलों में उपलब्धि प्रदर्शनी लगाई जाए। इन प्रदर्शनों में केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण निर्णयों को आकर्षक एवं प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा की जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने 12 जून को सभी जिलों में जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इन पत्रकार वार्ताओं में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यात्मक, जनोपयोगी और सरल भाषा में तैयार किया जाए तथा विभिन्न माध्यमों से लोगों तक उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों और क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों और विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ चर्चा कर सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में विकास और जनहित के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय और जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
काशीपुर/कपकोट (महानाद) : बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के 7000 फिट की ऊंचाई पर स्थित सूपी गाँव में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रयास का नेतृत्व दून स्कूल ओल्ड बॉयज सोसाइटी के इम्पैक्ट ग्रुप ने किया, जो केवीआर हॉस्पिटल काशीपुर और विलेज वेज एनजीओ के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस पहल में दून स्कूल फ्रेटरनिटी के 10 से अधिक डॉक्टर शामिल थे, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, रेडियोलॉजिस्ट, जनरल मेडिसिन, ईएनटी, नेत्र चिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिक सर्जन के डॉ. कुशाल अग्रवाल (केवीआर) और हड्डी रोग विशेषज्ञ ने अपनी सेवाएँ दीं।
आपको बता दें कि सूपी गाँव तक पहुँचने के लिए 20 घंटे से भी अधिक का कठिन सफर तय किया गया, जिसमें लगातार बारिश और भूस्खलन जैसी चुनौतियाँ थीं। स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित इस ऊँचाई पर पहली बार 500 से अधिक ग्रामीणों को मुफ्त विशेषज्ञ चिकित्सा, दवाएँ और जीवन बदलने वाली प्रक्रियाएँ मिलीं। आसपास के कई गाँवों से लोग आए, क्योंकि ऐसी विशेषज्ञ सेवाएँ उन्होंने पहले कभी नहीं देखीं थीं।
महानाद डेस्क : 58 विधायकों की बागवत के बाद अब टीएमसी के 20 सासंदों ने अलग गुट बनाकर एनडीए में शामिल होने की घोषणा कर दी। पार्टी की इस बड़ी टूट के बाद लगता है जैसे महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना और शरद पवार के हाथ से राष्टवादी कांग्रेस पार्टी निकल गई उसी तरह से ममता बनर्जी ने जिस टीएमसी को बनाया था वह उनसे छिन जायेगी।
जी हां, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के विधायक दल में टूट के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में उनके लिए अलग व्यवस्था देने की मांग की है। सांसदों ने कहा है कि वह एनडीए में शामिल होना चाहते हैं। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अरुप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, जगदीश वसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, जून मालिया, वापी हलदर, कालीपदा सोरेन, असित मल, सुवेंदु शेखर रॉय सहित 20 सांसद शामिल हैं। वहीं इन सासंदों ने काकोली घोष दस्तीदार को अपना नेता चुन लिया है।
उधर, इससे पहले टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता पद पर अपना दावा पेश करते हुए टीएमसी के 58 विधायकों के समर्थन का दावा कर दिया।
ऋतब्रता बनर्जी ने 58 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस को सौंप कर ‘वास्तविक तृणमूल कांग्रेस’ के रूप में मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से विधायक अख्रुज्जमान को मुख्य सचेतक तथा एंटाली से संदीपान साहा और कस्बा से जावेद खान को उपनेता के रूप में प्रस्तावित किया है।
पार्टी के 2 तिहाई विधायकों और सांसदों की बगावत के बाद यह तय माना जा रहा है कि बागी गुट को कानूनी तौर पर टीमसी की मान्यता मिल जायेगी और उद्धव ठाकरे, शरद पवार के बाद ममता बनर्जी तीसरी नेता बन जायेंगी जिनके हाथ से उनकी पार्टी और सिंबल छिन जायेगा।
बता दें कि महाराष्ट्र में 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना तोड़दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना और ‘तीर-कमान’ का चुनाव चिह्न सौंप दिया था। जिसके बाद उद्धव ठाकरे गुट को अपनी पार्टी का नाम शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे रखना पड़ा और उन्हें चुनाव आयोग की ओर से मशाल चुनाव चिह्न आवंटित किया गया।
उधर, इसी तरह अजित पवार ने शरद पवार द्वारा बनाई गई राकांपा को तोड़ दिया था और चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली राकांपा के तौर पर मान्यता देते हुए पार्टी सिंबल घड़ी उन्हें सौंप दिया था।
देहरादून, 8 जून। सचिवालय में सोमवार को सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि सेतु आयोग द्वारा विभिन्न जनपदों में ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के लिए एकीकृत स्मार्ट विलेज केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इन केंद्रों के माध्यम से विकास की संभावनाओं का आकलन कर दूरगामी योजनाएं तैयार की जाएंगी। किसानों, महिलाओं और युवाओं तक बेहतर सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय मॉडल के तहत स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि सेतु आयोग राज्य की भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित, समावेशी और सतत विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। ग्रामोत्थान के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को एकीकृत करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है, जिसमें ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने पंचायत स्तर पर चिन्हित केंद्रों के प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी सुझावों को भी कार्ययोजना में शामिल कर जून के अंतिम सप्ताह तक प्रस्तुत करनरें को कहा।
बैठक में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, चिन्हित केंद्रों को स्मार्ट सेंटर के रूप में विकसित करने, हेल्प डेस्क स्थापित करने, स्थानीय लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित करने तथा बिजनेस मॉडल की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।
इस अवसर पर सलाहकार डॉ. भावना शिंदे सहित सेवायोजन, जलागम, स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
देहरादून 8 जून ।उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार से प्रदेशभर में मतदाताओं को गणना फार्म वितरित करने का कार्य प्रारम्भ हो गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है।
अभियान के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदेश पदाधिकारियों को भी गणना फार्म उपलब्ध कराए गए। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के प्रदेश महासचिव राजकुमार पुरोहित तथा बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश सचिव जसपाल सिंह को गणना फार्म वितरित किए गए।
निर्वाचन विभाग द्वारा प्रदेश के सभी पात्र मतदाताओं तक गणना फार्म पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभियान के दौरान मतदाताओं से अपने विवरणों का सत्यापन कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराएंगे तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
देहरादून, 8 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार-बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग करते हुए क्षेत्र के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने, यमुना नदी पर 60 मीटर स्पैन पुल निर्माण, छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग निर्माण, सकरोल से द्वितीय सिद्धपीठ श्री महासू महाराज थैना तक सड़क निर्माण तथा विभिन्न पेयजल एवं संपर्क मार्ग परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार-बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मेहनतकश और स्वाभिमानी जनता तथा समृद्ध लोक संस्कृति के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां की परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर में उन्हें उत्तराखंड की मूल आत्मा के दर्शन होते हैं। यहां के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी परंपराएं केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर वहां सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि बाजपुर और चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनजातीय विद्यार्थियों को प्राथमिक से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है तथा प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की बेटियों के विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है। चकराता क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 56 योजनाओं में से 51 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे क्षेत्र में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-707 एवं 707ए का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर भी कार्य गतिमान है।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव नरेन्द्र तोमर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
जसपुर (महानाद) : कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पति को प्रताड़ित करने वाली पत्नी और उसके 15 रिश्तेदारों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जसपुर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने सिविल जज / न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पुत्र की शादी दिनांक 11.06.2020 को लॉकडाउन में नेहा पुत्री अशोक कुमार के साथ हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद से ही उसकी बहू छोटी-छोटी बातों को लेकर बिना वजह उनके व उनके परिवार वालों के साथ गाली गलौच व मारपीट पर उतारू रहती है एवं उनसे व उनके पुत्र से जमीन अपने नाम कराने की डिमाण्ड करती है और कहती है कि मेरे मायके वाले मेरी नौकरी लगवा रहे हैं इसके लिये मुझे 15-20 लाख रूपये लाकर दो, डिमाण्ड पूरी ना करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देती है।
व्यक्ति ने बताया उनकी बहू की इन हरकतों के चलते उनका पुत्र उनकी बहू को अपने साथ ले गया, जहाँ पर वह नौकरी करता है। लेकिन उनकी बहू अपनी हरकतों से बाज नही आयी और वहाँ पर भी उनके पुत्र के साथ गाली गलौच व अभद्र व्यवहार करती रही और उनके पुत्र के साथ मारपीट की, अपने मायके वालों को झूठा फोन कर डेरावसी बुलवा लिया, जहां पर उसके घरवालों ने उनके पुत्र के साथ मारपीट की।
व्यक्ति ने बताया कि दिनांक 04.03.2026 को सुबह करीब 11.30 बजे होली के दिन उसका पुत्र अपने भाई के साथ ग्राम सुआवाला में उनके रिश्तेदार की तबीयत खराब होने पर देखने जा रहे थे, तभी इसी बात को लेकर उनकी बहू उनके व उनके परिवार वालों के साथ गाली गलौच व अभद्र व्यवहार करने लगी, उनके पुत्र ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। जब उन्होंने उसके मायके फोन किया तो उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया।
व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही उनका पुत्र सुआवाला के लिए निकला वैसे ही उनकी बहू के पिता, माता सहित 16 आदि लोग नशे की हालत में उनके घर पर आये और आते ही उनके व उनके परिवार वालों के साथ मारपीट व गाली गलौच पर उतारू हो गये और उन सब के साथ बुरी तरह से मारपीट की। उनकी बहू चाकू चाकू लेकर आयी और उनकी विकलांग पत्नी पर वार करने लगी जिसे उन्होंने हाथ से रोका तो चाकू उनके हाथ में लग गया। तभी मौहल्ले के रहने वाले लोग मौके पर आ गये और उन्हें व उनके परिवार को बचाया वरना उक्त सभी लोग उनके साथ कोई भी संगीन वारदात कर सकते थे। उन्होंने उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 1- अशोक कुमार पुत्र राजाराम 2- सुमन देवी रेखा पत्नी अशोक कुमार 3-नेहा पुत्री अशोक कुमार 4-मोहित पुत्र अशोक कुमार 5-रोहित पुत्र अशोक कुमार 6-रूची देवी पत्नी मोहित 7-ईशु देवी पत्नी रोहित 8-राजीव कुमान पुत्र राजाराम 9-विनोद देवी पत्नी राजीव कुमार 10-अनिल कुमार पुत्र तुंगल सिंह 11-सुनील कुमार पुत्र तुंगल सिंह 12-विनोद कुमार पुत्र बेगराज सिंह 13-मनोज कुमार पुत्र बेगराज सिंह 14-पंकज कुमार पुत्र प्रीतम सिंह 15-प्रमोद कुमार पुत्र बनवारी सिंह 16-विपिन कुमार पुत्र मुरारी सिंह निवासीगण ग्राम अंगदपुर थाना जसपुर जिला उधमसिंह नगर के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 190, 191(1), 351(2), 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई संतोष देवरानी के हवाले की है।