हल्द्वानी (महानाद) : साइबर अपराधो पर रोकथाम के लिए अब उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन हॉटस्पॉट शुरु किया है। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी की सटीक रणनीति पर काम करते हुए नैनीताल पुलिस ने ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत म्यूल बैंक खातों व अनाधिकृत ऐप के जरिए करोड़ों के अवैध ट्रांजेक्शन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साईबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना सहित 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है तथा 2 विधि-विवादित किशोरों को निरुद्ध किया है। उक्त गिरोह अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, आईपैड, 2 दर्जन एटीएम कार्ड, 12 सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक एवं लाखों रुपये बरामद किये हैं।
आपको बता दें कि पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड द्वारा साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों व अवैध नकदी निकासी के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशानुसार जनपद में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
उक्त क्रम में दिनांक 5/6 सितम्बर 2026 की रात्रि को एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल, एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में कोतवाली मुखानी पुलिस, एसओजी तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर लक्ष्मण विहार कॉलोनी (थाना मुखानी क्षेत्र) स्थित एक मकान पर त्वरित छापेमारी की गई, जिसमे बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है।
मौके से अवैध साईबर वित्तीय नेटवर्क का संचालन कर रहे मुख्य सरगना राहुल यादव (निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश) सहित कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 02 विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लेकर कोतवाली मुखानी में धारा- 66(सी), 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं 3(5), 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि मुख्य अभियुक्त राहुल यादव बाइनेंस ऐप के जरिए नगद पैसे जुटाकर यूएसडीटी खरीदता था। बिना किसी वैध दस्तावेज, केवाईसी या स्रोत सत्यापन के टेलीग्राम के जरिए प्राप्त अनधिकृत ऐप यूमास्टर पर प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी को 3 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस के लालच में बेचा जाता था।
उन्होंने बताया कि अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को निकलने के लिए (लेयरिंग) करने के लिए संलिप्त गिरोह द्वारा स्थानीय युवकों को 3 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर भोले-भाले लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे।
गिरोह के सदस्य इन म्यूल खातों से एटीएम के माध्यम से कैश विड्रॉल करते थे तथा अधिक नकदी होने पर कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास रखता था ताकि खाताधारक कोई धोखाधड़ी न कर सके।
गिरफ्तार अभियुक्तगण –
1. राहुल यादव (30 वर्ष) पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश (गैंग लीडर/मुख्य संचालक)कृ पूर्व में थाना इंदौर ग्रामीण में धारा 420/409 आईपीसी में जेल जा चुका है।
2. हर्षित कुमार (26 वर्ष) पुत्र भरतवीर, निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, नैनीताल (एटीएम विड्रॉल व सीडीएम डिपॉजिट कार्य)
3. कमल गोस्वामी (21 वर्ष) पुत्र नवीन गोस्वामी, निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, नैनीताल (कमीशन पर म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला)
4. साहिल कुमार (21 वर्ष) पुत्र स्व. जीवन राम, निवासी काण्डा, बागेश्वर, हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल (म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला)
5. मौ. अयान (20 वर्ष) पुत्र मौ. यामीन, निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद (उ.प्र.) (इन्वेस्टर)।
6. मौ. शुभान (24 वर्ष) पुत्र वाजिद हुसैन, निवासी ग्राम सलारपुरकला, सम्भल (उ.प्र.) (इन्वेस्टर)।
इसके अतिरिक्त 2 वांछितों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं तथा 2 विधि-विवादित किशोर संरक्षण में लिए गए हैं। दोनों किशोरों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में अग्रिम विधिक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया गया है।
एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु 2500 रुपए नगद इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस टीम में एसआई विरेन्द्र चन्द्र, कां. सुनील आगरी दिगम्बर ज्याला, एसआई मोहन सौन (प्रभारी एसओजी), हे.का. त्रिलोक रौतेला, कुन्दन कठायत, कां. भूपेन्द्र ज्येष्ठा, भानू प्रताप ओली, अशोक रावत, अरविन्द सिंह, एसआई मीनू गौतम (प्रभारी साइबर सेल), एएसआई बिहारीलाल कुशवाहा, हे.कां. शिवेन्द्र बोरा, परमदीप सिंह, कां. नरेन्द्र धामी
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी से लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक अथवा एटीएम कार्ड प्रयोग के लिए न दें। साइबर ठगी में प्रयुक्त पाए जाने पर खाताधारक के विरुद्ध भी कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाती है। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।



