सितंबर माह का राशिफल पं. गोविन्दराम की कलम से

सितंबर माह का राशिफल पं. गोविन्दराम की कलम से

विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) :

मेष (चू, चे, चौ, ला, ली, लू, ले, लो, अ): आशाओं में किंचिंत सफलता, धन लाभ व उन्नति के अवसर बनेंगे। तां. 6 के पश्चात वृथा यात्रा। स्थान परिवर्तन, मानसिक तनाव और अज्ञात भय बना रहेगा। सावधानी बरतें।
उपाय – ता. 21 से पितृ पक्ष में दिवंगत पित्रों के निमित्त श्राद्ध के साथ पितृ स्त्रोत का पाठ करें, शुभ रहेगा।

वृष (ई, उ, ए, ओ, वा, वि, वु, वे, बो): शुक्र शष्ठस्थ स्वराशि होने से परिस्थितियों में कुछ सुधार होने के योग हैं। धीरे-धीरे आर्थिक क्षेत्र में कुछ परिवर्तन एवं लाभ के योग बनेंगे। किसी नवीन कार्य की योजना बनेगी। परंतु राहू लग्न में होने से कार्य रूप देने में विघ्न उत्पन्न होंगे।
उपाय – काली वस्तुओं का दान करें तथा, गोमेद रत्न धारण करें, शुभ रहेगा।

मिथुन (क, की, कु, घ, ड, छ, के, को, ह): मासारंभ में बुध उच्चस्थ (कन्यास्थ) रहने से परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होगा। मानसिक तनाव से मुक्ति, उन्नति के अवसर मिलेंगे किंतु पारिवारिक व्यस्तता के कारण विशेष लाभ नहीं होगा।
उपाय – श्री विष्णु सहस्र नाम का पाठ करें तथा गौ माता कोे हरा चारा खिलायें, शुभ रहेगा।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): मासांभ में गुरु का संचार होने के कारण मिश्रित प्रभाव रहेंगे। नौकरी व व्यापार में यद्यपि उन्नति व लाभ के अवसर प्राप्त होंगे, परंतु पारिवारिक एवं निजी उलझनों के कारण लाभ में कमी रहेगी। तां. 22 के पश्चात कुछ बनते कार्यों में विघ्न उत्पन्न होंगे।
उपाय – पितृ पक्ष में पितृ स्त्रोत का पाठ करें, शुभ रहेगा।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): तां. 16 तक सूर्य स्वराशिगत संचार करने से दैनिक कार्यों व सरकारी क्षेत्रों में कुछ रुके हुए कार्यों में प्रगति होगी। यद्यपि आय के साधन सीमित रहेंगे। ता. 16 से वृथा भ्रमण, व्यर्थ का खर्च एवं मुश्किल हालात में धन लाभ सीमित रहेगा।
उपाय – आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें, शुभ होगा।

कन्या (टो, प (प्र), पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): बुध लग्न में होने से कार्यों में सुधार, धन लाभ व प्रगति के मार्ग प्रशस्त होंगे। उत्तरार्द्ध में भी मिश्रित लाभ मिलेंगे। अत्यधिक परिश्रम करने पर भी मनोकूल लाभ में कमी रहेगी। निकट बंधुओं से तनाव, कोर्ट कचहरी से बचें।
उपाय – गणेश अथर्व शीर्ष का नित्य पाठ करें, शुभ रहेगा।

तुला (री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): लग्नस्थ शुक्र पर गुरु व शनि की दृष्टियां रहने से मिश्रित प्रभाव रहेंगे। व्यवसायिक एवं घरेलू हालात में विशेष परिवर्तन होंगे। परिश्रम व पुरुषार्थ करने पर ही धन लाभ व व्यवसाय में कुछ प्रगति होगी। मासांत में वृथा भागदौड़, मानसिक अशांति व भागदौड़ बनी रहेगी।
उपाय – पीली वस्तुओं का दान करें, 21 दिन तक गणेश कवच का पाठ करें, शुभ रहेगा ।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, पा, पी, यू): मासारंभ में परिवार की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। शुभ कार्यों पर खर्च होगा। यदि निर्वाह योग्य आय के साधन बनते रहेंगे, कुछ उलझनें भी रहेंगी। राहु सप्तम भाव में होने के कारण किसी से धोखा भी मिल सकता है।
उपाय – ग्रहों का पूजन करें, काली गाय को नित्य आटे की लोही खिलायें, शुभ रहेगा।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, डा): ता. 6 से पुनः मंगल की दृष्टि रहने से क्रोध, उत्तेजना, व्यर्थ की भागदौड़ लगी रहेगी। वृथा यात्रा, शत्रु भय, मानसिक तनाव, स्थान परिवर्तन से परिवार में कलह-क्लेश रहेगा। गुरु नीच का होने से कार्यों में बाधाओं का सिलसिला जारी रहेगा।
उपाय – पितृ स्त्रोत का पाठ करें, शुभ रहेगा।

मकर (भे, ज, जी, जू, जे, जो, ख, खी, खू, खे, खो, ग, गी): संघर्ष व परिश्रम के उपरांत निर्वाह योग्य धन प्राप्ति होगी। उलझा हुआ कार्य बनेगा। शुभ समाचार मिलने के संकेत मिलेंगे। तां. 14 से गुरु पुनः इसी राशि पर शनि के साथ होगा। संतान संबंधी चिंता रहेगी। दाम्पत्य जीवन में उत्साह व प्रेम रहेगा।
उपाय – गौाता की सेवा करें और काली वस्तुओं का दान करें, शुभ रहेगा।

कुंभ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): मासांभ में विघ्न बाधाओं के बावजूद धन प्राप्ति के साधनों में बढोत्तरी होगी। ता. 14 से वक्री गुरु का संचार हट जाने से अत्यधिक खर्च से परेशानी होगी। पराक्रम में वृद्धि, व्यर्थ की भागदौड़ रहे। मित्रों का सहयोग रहेगा। योजनाओं में विलंब होगा।
उपाय – नाशक गणपति स्त्रोत का पाठ करें, शुभ रहेगा।

मीन (दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची): मासांरभ में विघ्न बाधाओं के बावजूद धन प्राप्ति के अवसर मिलेंगे। व्यर्थ की परेशानियां, मानसिक तनाव। तां. 14 से गुरु नीच शनि युक्त संचार करने से मानसिक उच्चाटता रहेगी। व्यर्थ का गुस्सा न करें।
उपाय – पीली चीजों का दान करें, विष्णु सहस्र नाम का पाठ करें, शुभ रहेगा।

 

 

।। श्री ठाकुर देवाय नमः ।।

पं. गोविन्द राम
ज्योतिषाचार्य

श्री बांके बिहारी मन्दिर

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