विकास अग्रवाल
काशीपुर (महानाद) : एक महिला ने एक दांतों के डॉक्टर पर उसके 17 वर्ष के पुत्र को लापरवाही से गलत जगह इंजेक्शन लगाने के कारण उसका चेहरा विकृत करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
जसपुर खुर्द, काशीपुर निवासी मीना यादव पत्नी वीर सिंह यादव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका पुत्र तेजस यादव (आयु 17 वर्ष) दंत चिकित्सा हेतु दिनांक 24-07-2025 को डॉक्टर संजय गोला, यशोवीर डेंटल केयर, कवि नगर, काशीपुर में गया था। सेकंड सिटिंग के लिए दिनांक 27-07-2025 को उपचार के दौरान डॉक्टर संजय कुमार गोला द्वारा उसके पुत्र को गलत जगह इंजेक्शन लगाया गया। जिसके कारण उसका ब्लड प्रेशर डाउन हुआ, फिर खून की उल्टी हुई, इसके तुरन्त बाद ब्लड प्रेशर हाई हो गया।
मीना यादव ने बताया कि डॉक्टर संजय गोला द्वारा तेजस को आनन फानन में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस लापरवाही के कारण तेजस की आँख, नाक और दाहिनी तरफ चेहरे पर गंभीर संक्रमण हो गया, जो धीरे-धीर लाल, नीला और अगले दिन तक काला हुआ और बढ़ता गया, जिससे उसके पुत्र के जीवन पर घोर संकट आ गया और उसकी जान का खतरा/ जान भी जा सकती थी।
मीना यादव ने बताया कि इसके बाद वे अपने पुत्र को मुरादाबाद और उसके बाद दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में में ले गये। उसके पुत्र को अपोलो हॉस्पिटल में दिनांक 31-07-2025 से दिनांक 05-08-2025 तक एडिमट रखा गया। उसने दिनांक 09-08-2025 तक दिल्ली में रहकर हाइपर बेरिक ट्रीटमेंट थेरेपी करायी, उसके बाद से अभी भी उसके पुत्र तेजस की रोज ड्रेसिंग की जाती है।
मीना यादव ने बताया कि अपोलो हॉस्पिटल के विशेषज्ञों के अनुसार तेजस की हालत बहुत ही ज्यादा गंभीर थी। डॉक्टरों के अनुसार तेजस की स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर है कि तेजस का उपचार लम्बे समय के लिए चलेगा। नाक एवं आस-पास की खाल व हड्डी गल गयी है, जिस कारण भविष्य में तेजस की नाक की प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ सकती है।
मीना यादव ने बताया कि अपोलो हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने जांच के बाद बताया कि यह खून की नस में इंजेक्शन लगने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जिस कारण खून की नस में ब्लॉकेज हुई, जिसके कारण ब्लड प्रेशर डाउन, खून की उलटी और ब्लड प्रेशर हाई हुआ। यदि इलाज में देरी होती तो विशेषज्ञों के अनुसार इसके बहुत ही गंभीर परिणाम हो सकते थे जैसे ब्रेन हेमरेज, पैरालाइल, कोमा जैसी गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती थीं।
मीना यादव ने बताया कि यह पूरी तरह डॉक्टर की घोर लापरवाही का परिणाम है, जिसके कारण उसके पुत्र को अत्याधिक शारीरिक, मानिसक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है। तेजस को दिनांक 28-07-2025 को बीसीए में एडमिशन लेना था, लेकिन वह इस कारण एडमिशन नहीं ले पाया।
मीना यादव ने कहा कि डॉक्टर संजय गोला की लापरवाही के कारण उसके पुत्र की यह हालत हुई है, जिस कारण वह अत्याधिक शारीरिक और मानसिक कष्ट झेल रहा है। उसका चेहरा विकृत हो गया है और वह घर से बाहर निकलने में शर्म व डर एवं अत्याधिक ग्लानि महसूस करता है एवं लोग उसका चेहरा देखना पसंद नहीं करते हैं।
मीना यादव ने बताया कि मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी, रुद्रपुर द्वारा उक्त प्रकरण की जाँच करायी गयी। जिसमें मुख्य चिकित्साधिकारी, रुद्रपुर की जॉच आख्या में डॉ. संजय गोला (यशोवीर सिंह डेन्टल क्लीनिक, काशीपुर) को दोषी ठहराये जाने की सम्भावना से इंकार नहीं किया गया है एवं अंपजीकृत हॉस्टिल को सीज करने के आदेश एवं जुर्माना भी लगाया है। मुख्य चिकित्साधिकारी, रुद्रपुर की जाँच आख्या से स्पष्ट है कि डॉक्टर संजय गोला की लापरवाही के कारण तेजस के साथ ये परेशानी हुई हैं।
मीना यादव ने कहा कि वह पिछले 1 वर्ष से लगातार अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल के चक्कर लगा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी, रुद्रपुर की जाँच आख्या के आधार पर एवं उसके पुत्र व उसके परिवार पर मानसिक शारीरिक एवं आर्थिक संकट को देखते हुए वह डॉक्टर संजय गोला एवं उसके सहायक द्वारा चलाये जा रहे अवैध क्लीनिक को सीज करते हुए उचित कानूनी कार्यवाही करने हेतु एफआईआर दर्ज कराना चाहती है।
मीना यादव की तहरीर के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 125बी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई दिनेश चंद्र के हवाले की है।



