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Friday, August 28, 2026
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24 गुना बढ़ी उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी

खनन  में रिकॉर्ड राजस्व बढ़ोतरी, इस वर्ष 500 करोड़ की बढ़ोतरी – चौहान

सुहानी अग्रवाल
देहरादून (महानाद) : भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने राज्य की अर्थव्यवस्था मे रिकॉर्ड वृद्धि को उत्साहपूर्ण बताते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया और कहा कि उनके कुशल नेतृत्व मे राज्य विकास के कई सोपान छू रहा है जो कि राज्य के लिए सुखद है। चौहान ने कहा कि 24 वर्षों की विकास यात्रा में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था ने लंबी छलांग लगाई है। आज अर्थव्यवस्था का आकार 24 गुना बढ़ा है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है। इससे साफ है कि उत्तराखंड राज्य में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। चौहान ने कहा कि दो दशक से अधिक समय मे तमाम उतार चढ़ाव का सामना करते हुए उत्तराखंड ने हार नहीं मानी है और विकास की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी। आज राज्य की अर्थव्यवस्था (जीएसडीपी) लगातार सुधार की ओर है। अर्थव्यवस्था का बढ़ता आकार राज्य की समृद्धि को बयां कर रहा है।

चौहान ने कहा कि राज्य गठन के वक्त वर्ष 2000 में अर्थव्यवस्था का आकार 14,501 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 3,46,000 करोड़ रुपये हो चुका है। इसमें पर्यटन क्षेत्र का अहम योगदान रहा है। दो वर्ष पूर्व जीएसडीपी में पर्यटन सेक्टर की भागीदारी 37ø थी, जो अब बढ़कर 43.7 प्रतिशत हो गई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 2 लाख 60 हजार रुपये हो चुकी है। जबकि वर्ष 2000 में प्रति व्यक्ति आय 15,285 रुपये थी। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर ही नजर डालें तो राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 26 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

खनन में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति को चौहान ने बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी नीति को वजह बताते हुए कहा कि इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस कार्यकाल मे एक बड़ा हिस्सा माफियाओं की जेब में जाता रहा है। राजस्व मे वृद्धि के बजाय कांग्रेस माफिया को सरंक्षण देती रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खनन नियमावली मे सरलीकरण करने से वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व अभी तक 500 करोड़ रुपए प्राप्त हो चुका है और मार्च तक 1200 करोड़ रुपए प्राप्त होगा, जो कि कांग्रेस सरकार में प्राप्त होने वाले राजस्व से चार गुना अधिक है। चौहान ने कहा कि पहले खनन नीति को माफियाओं की सहमति के आधार पर बनाया जाता था, लेकिन धामी सरकार ने संसाधनों का वैज्ञानिक आधार पर दोहन और चोरी रोकने के लिए विशेष इंतजाम किये। कांग्रेस सरकार में राजस्व कभी भी 300 करोड़ से अधिक प्राप्त नहीं होता था।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के सीमावर्ती राज्यों की सीमा में 40 स्थानों पर 45 ई-माइन चेक गेट की स्थापना कर रही है ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके। इन गेटों पर सर्विलांस सिस्टम स्थापित होगा, जिस पर एनपीआर कैमरा, जीपीएस और आरएफआईडी की रीडिंग होगी! बिना रवन्ना की गाड़ियों का ऑटोमैटिक ई चालान होगा। राज्य सरकार का ई-रवन्ना का अपडेशन किया गया है, जिससे रॉयल्टी की चोरी ना हो सके। बिना रवन्ना की गाड़ी का ई-चालान काटने की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस काल में खनन पट्टे बेच लिए जाते थे, लेकिन धामी सरकार मे इसके लिए नीति बनाई गयी है। राज्य सरकार द्वारा खनन पट्टों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से करने का प्रावधान किया गया है, ताकि खनन पट्टों का आवंटन पारदर्शी तरीके से हो सके। राज्य सरकार द्वारा राज्य से बाहर से आने वाले खनिज पर पहली बार 70 रुपए प्रति टन टैक्स लगाया गया है। कांग्रेस सरकार द्वारा अवैध खनन कराने के कारण राजस्व की प्राप्त नहीं होती थी।

चौहान ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस को आंकड़ों का संज्ञान लेकर आत्म मंथन करना चाहिए कि आज के परिप्रेक्ष्य मे वह खुद कहां खड़ी है। उन्होंने कहा कि आज राजस्व में कई गुना वृद्धि होने के कारण कांग्रेसी बौखलाए हुए हैं और वह खनन नीति को लेकर तमाम दुष्प्रचार कर रहे हैं। आम जन को निर्माण सामग्री सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही है। पहले निर्माण सामग्री 140-150 प्रति क्विंटल मिलती थी जो कि अब 60 -70 प्रति क्विंटल आसानी से अच्छी गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री मिल जा रही है।

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